आ गईं तुम!

आ गईं तुम!

“ अरे! माँ यहाँ झीने में खड़ी होकर क्या कर रही हो! आओ! चलो! अन्दर चलें। कैसी हो!.. माँ!.. आज बहुत दिनों बाद तुमसे मुलाकात हुई!.. कहाँ चलीं गईं..थीं.. तुम!”। “ मैं तो यहीँ थी.. अरे! वाह! फूल तो तूने बहुत सुंदर लगा रखे हैं.. याद है!.. आसाम में हमारा कितना सुन्दर टेरेस...

मन -हिंदी कविता

आप दुखी इसीलिये है क्यूंकि मन मे आपका निवास है, आप मन की सुन नही पा रहे ,उस ओर चल नही पा रहे,पर हमेसा मन की गलती हो जरूरी नही, शायद मन आपको समझता हो, आपकी मदद करता हो ,आपको अपनाता हो, मन के अच्छे कामो के लिये एक छोटी सी कविता मन के ऊपर, एक गिलहरी प्रयास मेरे...

लेख– स्वास्थ्य सेवाओं में तेजी से हो रहा सुधार मोदी सरकार के नेतृत्व में

       महात्मा गांधी ने कहा था कि राजनीतिक स्वतंत्रता से ज्यादा जरूरी स्वच्छता है। स्वच्छता ही स्वस्थ होने की पहली सीढ़ी है। ऐसे में पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल को देखें तो पता चलता है, उनका दृष्टिकोण ही स्वस्थ समाज के निर्माण पर शायद...
खानदान 43

खानदान 43

सेतू का मामला अभी शान्त न हुआ था.. हर दिन मुकेशजी के परिवार में अब चर्चा का विषय बन गया था। सुनीता का दिमाग़ पूरी तरह से पैक हो गया था.. पता नहीं क्यों सुनीता के दिमाग़ में अब नए विचारों के घुसने की जगह ही न बची थी.. सब कुछ सामने दिखते हुए भी सही और गलत पता ही नहीं...
खानदान 43

खानदान 42

रात का समय हो चुका था.. परिवार में इंदौर किए गए फ़ोन पर अभी चर्चा चल रही थी। सुनील ने सुनीता से साफ़-साफ़ शब्दों में कह डाला था.. कुछ भी हो इंदौर से अगर तुम्हारे लिये कोई  फ़ोन आता है, तो तुम बिल्कुल भी बात मत करना.. और फ़ोन भी मत उठाना। अगर कोई फ़ोन उठाएगा तो वो...
ऐ हिन्दोस्ताँ!

ऐ हिन्दोस्ताँ!

तेरे हिस्से का प्यार तुझपर लूटा देंगे ऐ हिन्दोस्ताँ!तुझपर जाँ लूटा देंगे मत घबराना चँद चोर,लूटेरों से बड़े-बड़ों को भगाया है,इन्हें भी भगा देंगे ऐ हिन्दोस्ताँ!तुझपर जाँ लूटा देंगे। जीता हूँ तुझे कईं लड़ाईयाँ लड़ कर अब कैद न तुझे होने देंगे हर कोई पढ़ेगा इतिहास...