by Major Krapal Verma | Jul 1, 2026 | स्वामी अनेकानंद
माधव मोची की ओर से आए निमंत्रण पत्र को विलोचन शास्त्री उलट पलट कर देख रहे थे। निमंत्रण पत्र बाई पोस्ट आया था। कोई महान महोत्सव होने वाला था। स्वामी अनेकानंद ने घोर तपस्या कर सिद्धि प्राप्त की थी और अब मात्र उनके दर्शन लाभ से ही मांगे मनोरथ मिल जाते थे। सोलह फरवरी को...
by Major Krapal Verma | Jun 25, 2026 | स्वामी अनेकानंद
भादों बदी सोलह सप्तमी, मतलब कि सोलह फरवरी को होने वाले महा महोत्सव की मंत्रणा मग्गू के ऑफिस में चल रही थीं। “कुल पंद्रह दिन शेष हैं।” मग्गू ने चेतावनी दी थी। “जबकि काम सारा पड़ा है।” उसने सामने बैठे स्वामी घनानंद को गौर से देखा था। “महा...
by Major Krapal Verma | Jun 17, 2026 | स्वामी अनेकानंद
शाम ढल रही थी। मीरा मर्फी सैर करने निकल पड़ी थी। उसके पैर जैसे हवा पर तैर रहे थे। उसका शरीर सूक्ष्म सा कुछ था। उसका मन तो पहले ही स्वामी अनेकानंद से जा मिला था। उसके सपने स्वतः ही साकार होने लगे थे। संवाद थे – प्रेम पगे संवाद। होंठों तक आते और भाग जाते। आंखों...