by Major Krapal Verma | Jun 11, 2026 | स्वामी अनेकानंद
मग्गू और कल्लू उसके घर के एकांत में बैठे पी रहे थे। “चुनावी मोर्चा हर रोज कठिन होता जा रहा है कल्लू।” मग्गू के माथे पर चिंता रेखाएं उभर आई थीं। “लगता नहीं कि इस बार पार पड़ेगी।” मग्गू का कंठ स्वर कांप गया था। “विलोचन ने इस बार पूरा दमखम...
by Major Krapal Verma | Jun 7, 2026 | स्वामी अनेकानंद
मीरा मर्फी के बुलावे पर राम लाल अपनी पूरी टीम के साथ हाजिर हुआ था। राम ला अतिरिक्त तरह से चौकन्ना था। उसे स्वामी अनेकानंद से डर लगने लगा था। वह जान गया था कि स्वामी अनेकानंद अब एक जलती ज्वाला थे। जरूरी था कि उस जलती ज्वाला को डिबिया में कैद करके रक्खा जाए। वह नहीं...
by Major Krapal Verma | Jun 4, 2026 | स्वामी अनेकानंद
आज सोमवती अमावस्या थी। पंडित अवध नारायण ने आज का लग्न पुरानी पर्ण कुटीर छोड़ कर नई पर्ण कुटीर में जाने का तय किया था। सुबह से ही तैयारियां आरंभ हो गई थीं। पूरी बंबई में खबर थी कि आज के शुभ लग्न में स्वामी जी नए निवास में स्थापित होंगे। कल्लू और कदम ने बड़ी चतुराई से...