स्वामी अनेकानंद भाग 77

स्वामी अनेकानंद भाग 77

माधव मोची की ओर से आए निमंत्रण पत्र को विलोचन शास्त्री उलट पलट कर देख रहे थे। निमंत्रण पत्र बाई पोस्ट आया था। कोई महान महोत्सव होने वाला था। स्वामी अनेकानंद ने घोर तपस्या कर सिद्धि प्राप्त की थी और अब मात्र उनके दर्शन लाभ से ही मांगे मनोरथ मिल जाते थे। सोलह फरवरी को...
स्वामी अनेकानंद भाग 77

स्वामी अनेकानंद भाग 76

भादों बदी सोलह सप्तमी, मतलब कि सोलह फरवरी को होने वाले महा महोत्सव की मंत्रणा मग्गू के ऑफिस में चल रही थीं। “कुल पंद्रह दिन शेष हैं।” मग्गू ने चेतावनी दी थी। “जबकि काम सारा पड़ा है।” उसने सामने बैठे स्वामी घनानंद को गौर से देखा था। “महा...
स्वामी अनेकानंद भाग 77

स्वामी अनेकानंद भाग 75

शाम ढल रही थी। मीरा मर्फी सैर करने निकल पड़ी थी। उसके पैर जैसे हवा पर तैर रहे थे। उसका शरीर सूक्ष्म सा कुछ था। उसका मन तो पहले ही स्वामी अनेकानंद से जा मिला था। उसके सपने स्वतः ही साकार होने लगे थे। संवाद थे – प्रेम पगे संवाद। होंठों तक आते और भाग जाते। आंखों...
स्वामी अनेकानंद भाग 77

स्वामी अनेकानंद भाग 74

धीरज और नब्बो को ट्रक ने हैदराबाद में कृष्णा सागर के सामने सड़क पर उतार दिया था। सड़क के दूसरी ओर शादी का सैट लगा था। भीड़ जमा थी। कोई अफरा तफरी जैसी मची थी। कुछ था वहां जो गड़बड़ हो गया था। “वो दोनों एक्टर तो लंदन भाग गए मुसाफिर।” मुकुल खबर लेकर आया था।...
स्वामी अनेकानंद भाग 77

स्वामी अनेकानंद भाग 73

मग्गू और कल्लू उसके घर के एकांत में बैठे पी रहे थे। “चुनावी मोर्चा हर रोज कठिन होता जा रहा है कल्लू।” मग्गू के माथे पर चिंता रेखाएं उभर आई थीं। “लगता नहीं कि इस बार पार पड़ेगी।” मग्गू का कंठ स्वर कांप गया था। “विलोचन ने इस बार पूरा दमखम...