by Major Krapal Verma | May 22, 2026 | स्वामी अनेकानंद
बिल्लू की सगाई टूट गई थी। बिल्लू का दिल टूट गया था। वह मीना को भूल न पा रहा था। आनंद को भी अपार दुख हुआ था। वह बिल्लू से बेहद प्यार करता था। “हमें कोई जल्दी नहीं है आनंद बाबू।” मीना का बड़ा भाई भुजबल कह रहा था। “लेकिन इस साल में हमें मीना की शादी...
by Major Krapal Verma | May 10, 2026 | स्वामी अनेकानंद
चुनाव के प्रचार प्रसार में एक अलग तरह की सुनामी ला दी थी स्वामी घनानंद ने। मात्र सनातन को लेकर ही स्वामी घनानंद ने कुछ ऐसा जादू मारा था कि लोग उन्हें सुनने के लिए खिचे चले आते थे। जैसे सोते भारत को स्वामी घनानंद जगा रहे थे और स्वामी विवेकानंद की तरह जन क्रांति लाने का...
by Major Krapal Verma | May 7, 2026 | स्वामी अनेकानंद
“कहते हो तो मैं आनंद बाबू की खोज खबर लेने निकल जाऊं?” रोते बिसूरते राम लाल को देख कल्लू भीतर से पसीज आया था। “यों अधीर होने से तो खेल बिगड़ जाएगा।” कल्लू ने चेतावनी दी थी। राम लाल चुप था। छोटी-छोटी सुबकियों में अभी भी उबल रहा था। आनंद बाबू की...
by Major Krapal Verma | May 5, 2026 | स्वामी अनेकानंद
बिस्तर पर ध्यान मग्न बैठे मोहन मकीन को अमेरिका से लौटी विभूति ने आंखें भर-भर कर देखा था। आई आहट से सचेत हो मोहन मकीन ने आंखें खोली थीं। सामने खड़ी अपनी प्रिय बेटी विभूति को उन्होंने फौरन पहचान लिया था। विभूति ने भी देखा था कि उसके महान पापा मोहन मकीन की आंखों में जो...
by Major Krapal Verma | May 3, 2026 | स्वामी अनेकानंद
पूरे छह दिन लगा कर राधू रंगीला ने लच्छीपुरा गांव का सेट तैयार किया था। आज सातवें दिन शूटिंग शुरू हो रही थी। मानस और प्रतिष्ठा का कोई रोल न था। अत: वो दोनों दर्शक दीर्घा में साथ-साथ बैठे शूटिंग होते देख रहे थे। सबसे पहले कैमरे में गांव लच्छीपुरा का बोर्ड दिखाई दिया था।...