by Rachna Siwach | Mar 8, 2019 | Uncategorized
होली है, हो रंग बरसे… भीगे कानू रानी रंग बरसे होली है…. अरे केने मारी पिचकारी कानू की भीगी अंगिया ओ रंग रसिया, रंग रसिया हो हर मौसम और उससे जुड़े तीज त्यौहार और खान-पान सबका एक अलग ही मज़ा होता है। साल के पूरे आठ महीने गर्मी चलती है.. उसके बाद जब शरद ऋतु का आगमन होता...
by Nitesh Verma | Mar 7, 2019 | Uncategorized
मेरे “दर्द” का इलाज ढूंढता हूं ,इस शहर में कोई खास ढूूंढता हूं,मेरे “दर्द” को बेहतर जाने मुझसे,किसी को अपने इतने पास ढूंढता...
by Rachna Siwach | Mar 7, 2019 | Uncategorized
रंजना नाम के काँटे को सुनीता के गृहस्थ में फंसे लगभग एक साल हो आया था।” ये लड़की पापा को आप के लिये सिखाती है.. और आप की जगह लेना चाहती है!”। प्रहलाद ने सुनीता से रमेश के लिये कहा था। प्रहलाद समझने लगा था.. कि रमेश रंजना पर पैसे लुटाने लगा है। बच्चों को भी अब रमेश के...
by Rachna Siwach | Mar 7, 2019 | Uncategorized
जी करता है नन्हीं चिड़िया बनकर तुमसे मिलने आऊँ माँ फ़िर किसी टहनी पर तुम संग नया नीड़ बनाऊँ माँ मानव बन कर देख लिया अब पंछी बन कर रहेंगें तुम संग तुम उड़ना दूर गगन में मइया तुम्हें देख उड़ना सीखेंगे फ़िर हम कितना अच्छा होगा यह जीवन अपना तुम चिड़िया हम नन्हें चूज़े...
by Rachna Siwach | Mar 7, 2019 | Uncategorized
सुनीता का थोड़े से दिनों के लिये बीच में दिल्ली जाना हुआ था.. सुनीता ने एक बार फ़िर अपनी माँ अनिताजी को रंजना के विषय में बता दिया था।” माँ!.. रमेश कहता है.. मेरा रिश्ता है.. रंजना के साथ!”। अनिताजी ने पूरी विस्तार से कहानी सुनी थी.. कहानी सुनने के बाद अनिताजी...
by Suman Saurav Tiwary | Mar 6, 2019 | Uncategorized
**महागठबंधन** साइकिल चली है हाथी को घुमाने हाथ चला है हासुये को बढ़ाने मोदी जी को हराने महागठबंधन बनाने। झाड़ू का अता पता नही तीन फूल के आगे कोई टिका नही लालटेन आ रहा अंधेरा हटाने मोदी जी को हराने महागठबंधन बनाने। कंघी सम्हाल रहा तीर धनुष किसान...