by Rachna Siwach | Dec 5, 2018 | Uncategorized
पहले केवल हम चार ही लोग थे, अपने कुटुंब में छोटा और सुखी परिवार हुआ करता था हमारा कोई भी किसी भी तरह की कोई चिक-चिक कभी न थी। एकदम शान्ति रहा करती थी। अचानक हमारे कुटुम्ब में एक छोटी सी और प्यारी सी नन्ही परी का आगमन हुआ,इस नन्ही सी परी ने हमारे कुटुम्ब के बीच आकर...
by Rachna Siwach | Dec 5, 2018 | Uncategorized
हम हमेशा यही सोचते रहते हैं, की अरे!उसने ऐसा कर दिया इसलिए ऐसा हो गया, मैं होता या होती तो ऐसा बिल्कुल भी नहीं होता। यहाँ सुनीता के मामले में भी कुछ ऐसा ही था, एक बार को सुनीता के मन में यह ख़याल आया था,कि अगर मैं अपना जीवन साथी का चयन स्वयं करती तो ठीक ही रहता, ऐसा...
by Rachna Siwach | Nov 30, 2018 | Uncategorized
माँ व पिताजी ने सुनीता को सुबह से लेकर शाम तक कुछ भी न बताया था। शाम होते ही सुनीता की माँ ने सुनीता को कहते सुना था”अभी तो यह लोग अपने बेटे के लिये इस तरह की बात कर रहे हैं, कल को हमारी बिटिया को कुछ हो गया तो ये लोग सीधा ही मिठाई का डिब्बा हमारे यहाँ भिजवा...
by Rachna Siwach | Nov 30, 2018 | Uncategorized
जब नई बहू घर में आती है,तो कुछ दिन का पण्डित द्वारा बहु का मुहर्त निकलता है,कि इतने दिन के बाद बहु वापिस माईके जाएगी और भाई लेने आता है। सो सुनीता का मुहर्त भी ससुराल में यानी के इंदौर में ग्यारह दिन का ही था…बारहवें दिन सुनीता को अपने भाई के साथ वापिस माईके यानी...
by Rachna Siwach | Nov 29, 2018 | Uncategorized
वही रोज़ मरहा की ज़िन्दगी चल रही है,हमारी क़ानू के साथ। सर्दियाँ शुरू हो गईं हैं इसलिए हमारी क़ानू का काम भी बढ़ गया है।पहले तो सिर्फ अकेले ही छत पर खेलना-कूदना होता था,पर जब से हरी -भरी सब्ज़ियों यानी के मटर व मैथी की शुरुआत हुई है,क़ानू हमारे साथ बेहद बिजी रहती है। कुछ तो...