by Rachna Siwach | Nov 28, 2018 | Uncategorized
बाबुल का आशीर्वाद,माँ की दुआएँ और भाइयों व रिश्तेदारों का प्यार लिए सुनीता अब रेल में सवार होकर इंदौर जाने के लिए तैयार हो गयी थी। पिताजी और सुनीता के बड़े भैया भाभी अन्य रिश्तेदारों व सुनीता के पिताजी के दफ़्तर के पूरे स्टॉफ के साथ सुनीता को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन विदा...
by Rachna Siwach | Nov 28, 2018 | Uncategorized
घर में शादी का माहौल था, पूरा का पूरा घर रिश्तेदारों से भरा हुआ था।ऊपर नीचे पूरे घर में रिश्तेदार ही रिश्तेदार थे…मामा,नाना, चाची, ताई ,बुआ वगरैह-वगरैह। लगभग पिछले आठ-दस दिनों से शादी की रौनक लगी हुई थी,हर दिन घर किसी न किसी वैवाहिक कार्यक्रम से सरोबार हो उठता था।...
by Rachna Siwach | Nov 25, 2018 | Uncategorized
मौसम में बदलाव आ गया है, धूप मीठी हो गयी है। गर्मी से राहत मिल गयी है। बच्चों का भी मन बदल सा गया है। क़ानू तो और दिनों से ज़्यादा चंचल हो ही गयी है। सर्दियों में हमारी क़ानू अपनी पिंक कलर की जीभ साइड में लटका कर थोड़ा ज़्यादा ही खुश रहती है। खुश भी क्यों न हो क़ानू की मन...
by Rachna Siwach | Nov 23, 2018 | Uncategorized
क़ानू का नाम आते ही हम पता ही नहीं कहाँ खो जाते हैं,और अब तो सर्दियाँ भी आ गई हैं। लाल रंग का स्वेटर पहने और गले में काले रंग का गोल्डन घुंगरू डाले सारे घर में घूमती रहती है। बच्चों के जो पुराने स्वेटर होते हैं, हम बस वही नाप के कर देते हैं। बहुत ही प्यारी गुड़िया नज़र...
by Rachna Siwach | Nov 21, 2018 | Uncategorized
आज के ज़माने में हमारे सभी के साथ बहुत सारी निजी परेशानियां लगी हुई हैं,कि हम खुल के मुस्कुराना भूलते से जा रहे हैं। महंगाई बढ़ती ही जा रही है, और हमारी भारतवर्ष का अधिकाँश आबादी का हिस्सा मध्यम वर्ग का है।लोगों के रोज़ के खर्चो की टेंशन ने ही मुस्कुराहट पर काबू पा लिया...