आ, आ, इ, ई  और क़ानू

आ, आ, इ, ई और क़ानू

चमन के फूल भी तुझको गुलाब कहते हैं, हम ही नहीं, तुझे हर कोई लाजवाब कहते हैं। ये दो पंक्तियाँ हम अक्सर ही अपनी प्यारी कानू के लिये गुनगुनाते रहतें हैं। सर्दी बढ़ गई है, इसलिये अब हम अपने बच्चों सहित प्यारी कानू को लेकर छत्त पर ही धूप में बैठे रहते हैं.. ठंड के मारे...
खानदान 34

खानदान 34

सुनीता के मायके से सुनीता को भइया और भाभी लेने आ पहुँचे थे.. सर्दियों का समय था, इसलिये दिल्ली से इंदौर आने वाली सभी गाडियाँ कोहरे के कारण बहुत देरी से पहुँच रहीं थीं। सुनीता और उसके ससुराल वाले सवेरे से ही मेहमानों का इंतेज़ार कर रहे थे। इधर घर में भी दर्शनाजी ने...
खानदान 34

खानदान 33

दर्शनाजी के नाटक तो रंग पकड़ ही रहे थे.. और रंग पकड़ न रहे थे.. रंगीन पहले से ही थे। सुनीता के आने से पहले रमा के साथ तो और भी भयंकर नाटक हो चुके थे। अब दर्शनाजी का दूसरा निशाना सुनीता ही थी। दर्शनाजी ने अपने दोनों सुपुत्रों का ब्याह तो कर दिया था.. पर भगवान का दिया...

ये जिंदगी बहता आब है

ये जिंदगी बहता आब है, यहाँ मौत हकीकत और जीना ख्वाब है, रूआब अब दिखता है,हर एक चेहरे पे, हिन्दू,मुस्लिम का मिला इन्हें खिताब है, ये जिंदगी बहता आब है। एक हिज़ाब ओढ़े,फिर रहा हर कोई यहाँ, एक-दूसरे को, मारने को बेताब है, कसब की कमी है यहाँ हर हाथों को, लोगो के ख्वाब,जाने...

My Road trip to Neemrana Fort Palace

People forget years and remember moment- Ann Beattie Sometimes all you need a road trip to remind you that the world is still full of so many beautiful things which are yet to be discovered by you. Road trips make you realize that the journey is also the major part...
तुम्हारा फ़ोन

तुम्हारा फ़ोन

हैलो! हैलो! हाँ! माँ! आप नमस्ते! कैसी हो आप! आज बहुत दिनों बाद आपकी आवाज़ सुन कर बहुत अच्छा लगा।” “ मैं, ठीक-ठाक हूँ.. एकदम फर्स्ट क्लास! .. तू सुना! कैसी है, बेटा! तू.. बच्चे ठीक हैं.. तेरे!”। “ हाँ! माँ! सब बढ़िया! बच्चे दोनों ठीक हैं.. आप बताओ! आपने तो बड़ी मुश्किल...