Posted on Leave a comment

कुछ घर

कुछ घर भी काटते हैं,

ज़ोर-ज़ोर से नहीं,

पर धीमे से आपको खोखला बनाते हैं‌‌‌‌‌‍‌‌‍‍।

उनकी ज़िन्दगी का खोया हुआ वक़्त,

उनकी खोयी हुई हँसी,

वो बार-बार मांगते हैं।

उनकी पीली, हरी और लाल दीवारे,

टूट जाएँगी अगर आप नहीं माने;

उनके बिस्तर पर बिखरी हुई यादें,

समेट नहीं पाएँगीअगर आप नही लौटे;

अपनी दास्ताओ में खोये हुए रहते हैं कुछ घर,

सवर जाने की उम्मीद में,

खुद को जिंदा रखने की कोशिश में,

कुछ घर भी काटते हैं,

ज़ोर-ज़ोर से नहीं,

पर धीमे से आपको अपने हालात बतलाते हैं ।

~ संस्कृति वर्मा

Posted on Leave a comment

The Song of Love and Happiness

After the storm,

My heart smiled and laughed,

When it watched the sky as the rainbow came.

My soul danced and I asked why?

It then replied-

Can’t you see the magic of the

Colors that are just perfectly aligned?

Can’t you feel the magic of the

Nature that constantly shines?

I still couldn’t see it so my soul

Sang a happy song-

“Oh happy soul,

You don’t know many things,

Your mind is not free

From ego and hatred

But when you see love, you sing a happy song.

Even if you don’t listen to it or ignore it,

You cannot stop from feeling it!

I smiled and nodded,

And sang the happy song to myself.

The world suddenly smiled and

Made sense to me.

Posted on

उभरती प्रतिभाएं की शुरुआत

इस सप्ताह हमने जो कविता पसंद करी हैं वो नीचे लिंक में हैं :

हम इसके कवि अमित पांडेय जी को हार्दिक शुबकामनाएं देना चाहेंगे की उन्होंने इतने सुंदर शब्दों का प्रयोग करा जिन्हे लोगों ने भी काफी पसंद करा। हम कामना करते हैं की सभी लेखक/लेखिकाएँ इस मंच पर लिखते रहेंगे ताकि हर सप्ताह हम सबसे ज़्यादा लोकप्रिय होने वाले लेख को प्रोत्साहन दे सके।

और ये न भूले की-
हमारा उदेश्य है हिंदी के क्षेत्र में उभरते हुए लेखकों-लेखिकाओं को एक मंच प्रदान करना जहाँ से वो हिंदी जगत में अपनी एक पहचान बना सकें. लोगों तक अपने विचारों को पहुंचा सकें.