खानदान 59

खानदान 59

घर में खबर आ गई थी, कि रमेश का एक्सीडेंट हो गया है.. और उसे वहीं से हड्डियों के अस्पताल ले जाया गया है। सुनीता भी रमेश अस्पताल में है.. यह सुनकर नीचे हॉल में आ गई थी.. और रमा की लड़कियों से पता करने में लगी हुई थी.. कि आख़िर रमेश को हुआ क्या है। रामलालजी और विनीत अभी...
माँ जैसी

माँ जैसी

इलेक्शन आने वाले हैं.. चारों तरफ़ राजनैतिक पार्टियाँ रैलियाँ निकालती रहती है। सुबह के आठ बजे से ही प्रचार शुरू हो जाता है। इलेक्शन संबंधी गाने-बजाने सुबह से ही बजने लगते हैं। वैसे देखा जाय तो अच्छा-ख़ासा रौनक मेला दिन निकलते ही शुरू हो जाता है। घर-गली के चारों तरफ़...

उभरती प्रतिभाएं की शुरुआत

इस सप्ताह हमने जो कविता पसंद करी हैं वो नीचे लिंक में हैं : संघर्ष पथ पर जो मिले! हम इसके कवि अमित पांडेय जी को हार्दिक शुबकामनाएं देना चाहेंगे की उन्होंने इतने सुंदर शब्दों का प्रयोग करा जिन्हे लोगों ने भी काफी पसंद करा। हम कामना करते हैं की सभी लेखक/लेखिकाएँ इस मंच...
कानू और सेल्फ़ी

कानू और सेल्फ़ी

पाउट बनाओ!.. क्लिक करो!.. ये!!!.. कितना अच्छा सेल्फी आया है.. इसको अपने फेसबुक एकाउंट पर अपलोड करेंगें। और सब खुश हो जाते हैं। आजकल के ज़माने में इतनी बिजी ज़िन्दगी होते हुए.. अपने आप को खुश करने का अच्छा तरीका है। आजकल तो सारी दुनिया मीडिया पर ही सिमट कर रह गई है।...
खानदान 59

खानदान 58

दर्शनाजी की पहले वाली दस-लाख की प्रोपर्टी बिक्कर पैसा तो सारा ठिकाने लग गया था। इस पैसे के पीछे कोइ दिन जाता होगा.. अदालत तो रोज़ ही चलती थी। जो रमेश के हाथ में बचा था.. वो तो रमेश फ़टाफ़ट निपटा ही रहा था। “ ओ पैसे!.. कित गए!”। दर्शनाजी ने रमेश से सवाल किया था। “ तेरे...