by Akhileshwar Mishra | Feb 22, 2019 | Uncategorized
साल बदला नजारे वहीं हैं वक्त बदला इरादे वहीं हैं बदला है मौसम पर मंजर वहीं है बदला है घाव पर खंजर वहीं है नया कुछ नहीं है यहां सब वही है हवा में घुला हलाहल वही है नए साल पर ये वादा करे हम पुराना नहीं नया कुछ करे हम इंसानियत को फिर से जिंदा करे हम इसी राह पर सदा ही...
by Nitesh Verma | Feb 22, 2019 | Uncategorized
मेरी कविता में तुम्हारा स्थान है, क्युकी मेरी दुनिया तुम्हारे बिन विरान है, ज़ुबा कुछ भी कहे लेकिन, ये दिल हमेशा से तुम पे मेहरबान...
by Rachna Siwach | Feb 22, 2019 | Uncategorized
सुनीता पिताजी की कोई भी मदद न होने के कारण बहुत ही दुखी हो गई थी। मायका मुसीबत में होने के कारण चाह कर भी कोई भी मदद नहीं कर पा रही थी, सुनीता अपने परिवार की। अंदर ही अंदर बहुत शर्मिंदगी महसूस हो रही थी.. सुनीता को। “ रमेश बता रिया था.. चौधरी.. दो लाख रुपये मांगें...
by Kumar Gaurav | Feb 22, 2019 | Uncategorized
सात दिनों तक देश के एकजुटता का द्योतक सत्ता पक्ष विपक्ष का खत्म हुआ अब सूतक खत्म हुआ अब सूतक आरोप हैं रहे लगाये भला हांथ का साथ देश कहां कब तक पाये कह पंक्षी कविराय कहां तक दुश्मन पाये मात लाभ हानि के फेर में जब टिके न दिन भी सात || ~कुमार...
by Amit Pandey | Feb 21, 2019 | Uncategorized