by Rachna Siwach | Feb 25, 2019 | Uncategorized
बचपन एक ऐसी चीज़ होता है.. जो इंसान कभी नहीं भुला पाता। बचपन की वो खट्टी-मीठी यादें.. यादों में हमेशा के लिये अमर होकर रह जातीं हैं। हमें भी हमारा अनमोल बचपन अक्सर याद आता है.. और फ़िर बहुत देर के लिये हम अपनी मीठी यादों में खो-कर रह जातें हैं। बचपन भी कभी-कभी ही हमसे...
by Amit Pandey | Feb 24, 2019 | Uncategorized
वो कुमुद है न सूरज के खिल पायेगी मैं तो चंदा हूं कैसे वो मिल पाएगी जब मैं हो कर जवा चांदनी से खिला वो तो मारे हया से सिकुड़ जाएगी मैं तो चंदा हूं कैसे वह मिल पाएगी वह कुमुद है न सूरज के खिल पायेगी मैं तो चंदा हूं कैसे वो मिल पाएगी जब...
by Akhileshwar Mishra | Feb 23, 2019 | Uncategorized
दुनिया को प्रेम सिखाया कर्म को पूजा तुमने बताया प्रेम की भाषा जो न समझा तुमने उसको हथियार दिखाया लीला कर लीलाधर तुमने करुणा करना सिखलाया गीता में योगेश्वर तुमने निःस्वार्थ कर्म है...
by Surya Deep | Feb 23, 2019 | Uncategorized
ऊपर वाला जब भी देगा देगा छप्पर फाड़ कर दुनिया में है तुमको भेजा देगा छप्पर फाड़ कर अच्छे काम सदा तुम करना बुरे काम से करना तौबा सच्चाई की ताकत रखना जीवनभर है उस पर चलना मानवता की सेवा करना मानवता के लिये लड़ना मानवता से बढ़कर कोई काम नहीं इस दुनिया में पथरीली राहों पर...
by Rachna Siwach | Feb 23, 2019 | Uncategorized
बहुत सी बातें करनी थीं, तुमसे और तुम चलीं गयीं, मन की मन में ही रह गई और तुम चलीं गयीं, मन होता है लेने आऊँ तुमको बिन बताये न जाने कहाँ पर तुम चलीं गयीं, न जाने क्या सोचा तुमनें कुछ भी न कहा, और तुम चलीं गईं क्या सोच रहीं थीं? कह तो देतीं! मुड़ कर एक बार देख तो लेतीं,...
by Rachna Siwach | Feb 23, 2019 | Uncategorized
घर मे वही माहौल था.. आधे दिन सास की चिक-चिक, सुनीता का दिमाग़ इसी तैयारी में लगा रहता था.. नीचे जाकर कौन सी बात का क्या जवाब देना है। बच्चों में शाम हो जाया करती थी.. शाम होते ही रमेश के माँ की सीख के हिसाब से नाटक शुरू हो जाया करते थे,” रमेश आज या फ़िर उस बिल्ली ने...