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योगेश्वर

दुनिया को प्रेम सिखाया कर्म को पूजा तुमने बताया
प्रेम की भाषा जो न समझा तुमने उसको हथियार दिखाया
लीला कर लीलाधर तुमने करुणा करना सिखलाया
गीता में योगेश्वर तुमने निःस्वार्थ कर्म है सिखलाया।

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नया साल

साल बदला नजारे वहीं हैं
वक्त बदला​ इरादे वहीं हैं
बदला है मौसम पर मंजर वहीं है
बदला है घाव पर खंजर वहीं है
नया कुछ नहीं है यहां सब वही है
हवा में घुला हलाहल वही है
नए साल पर ये वादा करे हम
पुराना नहीं नया कुछ करे हम
इंसानियत को फिर से जिंदा करे हम
इसी राह पर सदा ही बढ़े हम।