by Rachna Siwach | Mar 18, 2019 | Uncategorized
रामलालजी की तबियत दिन-रोज़ ख़राब होती जा रही थी। पेट की बीमारी ने उन्हें घेर लिया था.. आए दिन वे किसी न किसी डॉक्टर के पास खड़े ही रहते थे। ज़्यादातर डॉक्टर के पास रामलालजी को विनीत ही ले जाता था। “ तूं पानी ज़्यादा पीया कर!” दर्शनाजी रामलालजी को सारे दिन ज़्यादा पानी...
by Rachna Siwach | Mar 18, 2019 | Uncategorized
सुनीता यूँहीं बैठे-बैठे अचानक ही फ्लैशबैक में पहुँच कर मुस्कुरा दी थी। और सुनीता की ख्यालों की दुनिया अचानक ही एक दूसरे दौर में पहुँच गई थी.. जब प्रहलाद और नेहा अभी छोटे बच्चे थे.. और ज़्यादा कुछ भी नहीं समझते थे। “ अरे! आज प्रहलाद के स्कूल के बाहर प्रीती की...
by Rachna Siwach | Mar 16, 2019 | Uncategorized
शरद ऋतु टाटा करके चली गई है.. और अब पहले से बडे दिन आ गए हैं। घर का काम जल्दी ही निपट जाता है, और समय बिताने के लिये हमनें सोशल मीडिया का सहारा ले लिया है। पहले हमें जानवरों से बिल्कुल भी लगाव नहीं था.. हालाँकि टेलीविज़न पर डिस्कवरी चैनल देखा करते थे.. पर लग कर नहीं...
by Rachna Siwach | Mar 14, 2019 | Uncategorized
माँ का इशारा पा रमेश फ़िर उसी दो-कौड़ी के रूप में आ गया था। सुनीता अपनी अक्ल पर पछतावा करते हुए.. फ़िर सोच में डूब गई थी।” आप ने फ़िर बेवकूफ़ी करके उस आदमी को क्यों बचाया! हो गए न फ़िर से ड्रामे शुरू! अरे! दिल्ली भी बता देते और फ़िर मज़ा चाखवाते इसे!’ प्रहलाद ने एक...
by Rachna Siwach | Mar 13, 2019 | Uncategorized
“ मुझे यहाँ से निकाल! नहीं तो अपनी गर्दन में कुछ घोंप डालूँगा!”। रमेश का पूरा शरीर काँप रहा था.. बेहद डरे हुए.. रमेश ने सुनीता से कहा था.. पर सुनीता ने रमेश की बात का कोई भी जवाब नहीं दिया था। पुलिस वाले अब रमेश के ऊपर करवाई करने के लिये एकदम सीधे खड़े हो गए थे.. रमेश...
by Rachna Siwach | Mar 13, 2019 | Uncategorized
डर के कारण तुमको खोया डर के कारण ख़ुद को खोया और भी बहुत कुछ खोया, मैने डर से इसी डर के कारण कहीं मुझसे अब, रिश्ते न खोयें तुम मेरी मदद कर मुझे इस डर से उभारो...