by Rachna Siwach | Nov 11, 2018 | Uncategorized
तेरी मेरी, मेरी तेरी प्रेम कहानी है मुश्किल दो लफ़्ज़ों में ये बयाँ न हो पाए। एक लड़का और एक लडक़ी की ये कहानी है,नई दो लफ़्ज़ों में ये बयाँ न हो पाए।हेमा के हज़ारों सपनें थे,अच्छी सुन्दर लड़की हुआ करती थी,अपने ज़माने में । हेमा के सपने नौकरी को लेकर,या फिर जीवन में कुछ करने...
by Rachna Siwach | Nov 9, 2018 | Uncategorized
कुत्ते पालने का हमें बिल्कुल शौक न था। बचपन से घर-खानदान में किसी ने कभी भी कोई कुत्ता न पाला था। कुत्ते देखते ही बुरी तरह चिल्ला कर डर जाया करते थे, और फालतू का शोर मचाने लग जाया करते। और कोई दूसरा भी कुत्ता पाला करता, वो भी हमें बेहद अजीब लगा करता था…हम अक्सर...
by Rachna Siwach | Nov 8, 2018 | Uncategorized
इन्सान के जीवन में तीन पड़ाव आते हैं, बचपन,बुढ़ापा और जवानी। इन तीनों पड़ावों से कई तरह की कहानियाँ जुड़ी हुई होती हैं। जितनी भी कहानियाँ होती है, सारी की सारी परिवार से बनती हैं। बच्चे जब अपने माता-पिता की कोख़ में से जन्म लेते हैं,उसी वक्त वो दो सामाजिक कहानियों से जुड़...
by Rachna Siwach | Nov 8, 2018 | Uncategorized
भोपाल में दीवाली का त्यौहार बहुत ज़ोर-शोर से मनाया जाता है। पूरे मकान को लाइट और दियों से पूरी तरह से रोशन कर दिया जाता है।पूरा परिवार इकठ्ठा होकर ज़ोर-शोर से दीवाली का त्यौहार मनाता है।मुझे भी भोपाल वाले मकान में,वो लम्हे याद आते है,जब हम बहुत छोटी सी गुड़िया क़ानू को घर...
by Rachna Siwach | Nov 3, 2018 | Uncategorized
भारतवर्ष का सबसे बड़ा त्यौहार दीवाली है। दीवाली वाले दिन पूरा हिंदुस्तान दुल्हन की तरह जगमगाती हुई रौशनी रूपी गहनों से सजा हुआ होता है। पूरे विश्व में दीवाली का मुकाबला कोई और त्यौहार आज तक नहीं कर पाया है। हिंदुओं का सबसे प्यार भरा और संस्कारों से परिपूर्ण...