by Rachna Siwach | Jan 25, 2019 | Uncategorized
अब माँ की कही हुई बातों पर सुनीता आराम से अमल कर रही थी। बाहरी अमल करते हुए सुनीता अपने संग सेतू को लिये घूम रही थी। सुनीता की सोच उसके चेहरे पर छपती जा रही थी.. जिसको देख अनिताजी ने एक बार सुनीता को फ़िर से समझाया था,” कोई बात नहीं घूमने दे लड़की के साथ! पर तू आराम...
by Rachna Siwach | Jan 25, 2019 | Uncategorized
घर में गेट का डिज़ाइन सुनीता के सामने रोज़ रमेश के द्वारा दिखाया जाता था। रमेश गेट को लेकर काफ़ी सीरियस था। आख़िर एक दिन सुनीता ने पूछ ही लिया था,” किस के घर के लिये बन रहा है.. गेट!”। “ अरे! वो अपनी है! न सेतू! बस! उन्हीं के लिये बना रहा हूँ। अरे! इतनी क्या पूछताछ कर...
by Rachna Siwach | Jan 23, 2019 | Uncategorized
विवाह के बाद जब सुनीता का रामलालजी के घर में गृह-प्रवेश हुआ था.. तो सुनीता का चेहरा एकदम मस्त और गोल-मोल था। खाते-पीते और भरे-पूरे खानदान की जो थी.. सुनीता। सुनीता के चेहरे पर एक आत्मविश्वास अलग ही झलका करता था। सुनीता के रामलाल विला में आने के बाद से ही सुनीता के...
by Rachna Siwach | Jan 23, 2019 | Uncategorized
जन-गण- मन अधिनायक जय है, भारत- भाग्य- विधाता । पंजाब सिंध गुजरात मराठा द्राविड़ उत्कल बंग । “ यह हमारा राष्ट्रीय गान है, जिसे रवींद्रनाथ ठाकुर ने लिखा था। बच्चों पहले भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था.. हमारे देश पर सबकी नज़र थी.. कि इस सोने की चिड़िया को कैसे लूटा...
by Rachna Siwach | Jan 21, 2019 | Uncategorized
सुनीता प्रहलाद के लालन-पालन में लगी रहती थी.. और रमेश शाम को सज-धज कर तैयार हो कर सफ़ेद रंग की मारुति कार में बैठकर जो सुनीता दहेज में लेकर आई थी.. निकल जाता था। सुनीता ने कभी रमेश से उसके जाने पर कोई भी सवाल नहीं पूछा था। लेकिन थोड़ा-थोड़ा रमेश के व्यवहार में बदलाव...