by Rachna Siwach | Mar 7, 2019 | Uncategorized
जी करता है नन्हीं चिड़िया बनकर तुमसे मिलने आऊँ माँ फ़िर किसी टहनी पर तुम संग नया नीड़ बनाऊँ माँ मानव बन कर देख लिया अब पंछी बन कर रहेंगें तुम संग तुम उड़ना दूर गगन में मइया तुम्हें देख उड़ना सीखेंगे फ़िर हम कितना अच्छा होगा यह जीवन अपना तुम चिड़िया हम नन्हें चूज़े...
by Rachna Siwach | Mar 7, 2019 | Uncategorized
सुनीता का थोड़े से दिनों के लिये बीच में दिल्ली जाना हुआ था.. सुनीता ने एक बार फ़िर अपनी माँ अनिताजी को रंजना के विषय में बता दिया था।” माँ!.. रमेश कहता है.. मेरा रिश्ता है.. रंजना के साथ!”। अनिताजी ने पूरी विस्तार से कहानी सुनी थी.. कहानी सुनने के बाद अनिताजी...
by Rachna Siwach | Mar 6, 2019 | Uncategorized
रंजना के जाने के बाद सुनीता को रमेश को लेकर अच्छा महसूस नहीं हो रहा था। रमेश के चेहरे पर सुनीता रंजना को लेकर एक निराली सी ख़ुशी और चमक देख रही थी। “ कौन थी… ये! मम्मी पापा के साथ!”। प्रहलाद और नेहा ने सुनीता से सवाल किया था।” अच्छी दीदी थी!”। ख़ुद ही सवाल का...
by Rachna Siwach | Mar 4, 2019 | Uncategorized
रमेश और सुनीता प्रहलाद के साथ स्कूल से लौट रहे थे.. अचानक ही रमेश गाड़ी में ज़ोर-ज़ोर से बोलना शुरू हो गया था,” उसका भाई बॉक्सर है..!!.. गोल्ड मैडलिस्ट है.. !! .. उसकी मौसी मिनिस्टर है.. इस जायदाद का एक और वारिस आ गया है.. !!.. देखना वो आएगी.. बैठेगी मेरे साथ गाड़ी...
by Rachna Siwach | Mar 4, 2019 | Uncategorized
कभी सपने में भी नहीं सोचा था.. ऐसा कुछ हो जाएगा.. तुम यूँ अचानक ही हमेशा के लिये छोड़कर हमें कहीं और चली जाओगी। वैसे देखा जाए.. माँ!.. तुम चुपके से ही छोड़कर चलीं गयीं। एक-साल से भी ऊपर हो आया है.. तुम्हारी झलक तक देखने को नहीं मिली है। हाँ!. आ जाती हो तुम भूले से...