by Rachna Siwach | Mar 20, 2019 | Uncategorized
रामलालजी पूरी तरह से बिस्तर में आ गए थे.. बस! इंजेक्शनों पर ही चल रहे थे। ऐसे परिवार में जहाँ पैसों को ही महत्व दिया जाता हो.. रामलालजी अपनी हिम्मत पर ही सांसें ले रहे थे.. ऊपर से उनकी जीवन साथी के तो कहने ही क्या थे। खैर! चल ही रही थी.. दादू की ज़िन्दगी दवाइयों...
by Rachna Siwach | Mar 20, 2019 | Uncategorized
आज बहुत दिनों बाद तुम्हारा फोटो देखा.. वही तुम्हारा और पिताजी के संग की फोटो.. यह फ़ोटो तुम्हारी मेरे पास नहीं थी, माँ! वो तो अचानक ही मैने सिद्गार्थ का एकाउंट देख लिया.. तो तुम और पिताजी मुझे उस फ़ोटो में नज़र आ गए.. थे। सच! माँ! तुम्हें और पिताजी को संग देखकर तस्वीर...
by Rachna Siwach | Mar 18, 2019 | Uncategorized
रामलालजी की तबियत दिन-रोज़ ख़राब होती जा रही थी। पेट की बीमारी ने उन्हें घेर लिया था.. आए दिन वे किसी न किसी डॉक्टर के पास खड़े ही रहते थे। ज़्यादातर डॉक्टर के पास रामलालजी को विनीत ही ले जाता था। “ तूं पानी ज़्यादा पीया कर!” दर्शनाजी रामलालजी को सारे दिन ज़्यादा पानी...
by Rachna Siwach | Mar 18, 2019 | Uncategorized
सुनीता यूँहीं बैठे-बैठे अचानक ही फ्लैशबैक में पहुँच कर मुस्कुरा दी थी। और सुनीता की ख्यालों की दुनिया अचानक ही एक दूसरे दौर में पहुँच गई थी.. जब प्रहलाद और नेहा अभी छोटे बच्चे थे.. और ज़्यादा कुछ भी नहीं समझते थे। “ अरे! आज प्रहलाद के स्कूल के बाहर प्रीती की...
by Rachna Siwach | Mar 16, 2019 | Uncategorized
शरद ऋतु टाटा करके चली गई है.. और अब पहले से बडे दिन आ गए हैं। घर का काम जल्दी ही निपट जाता है, और समय बिताने के लिये हमनें सोशल मीडिया का सहारा ले लिया है। पहले हमें जानवरों से बिल्कुल भी लगाव नहीं था.. हालाँकि टेलीविज़न पर डिस्कवरी चैनल देखा करते थे.. पर लग कर नहीं...