राम चरन भाग सत्तानवे

राम चरन भाग सत्तानवे

कुछ याद नहीं था – राम चरन को। न पाकिस्तान का पता था और न हिन्दुस्तान की कोई खबर थी। न वो पहले कुछ था – क्या था – पता नहीं। एक ही पता था – वह जहां संघमित्रा थी। संघमित्रा के लाजवाब अंग विन्यास उसे रह-रह कर याद आ रहे थे। सबसे ज्यादा सुंदर तो उसकी...
राम चरन भाग सत्तानवे

राम चरन भाग छियानबे

पंडित कमल किशोर ने आज बड़े दिनों के बाद अपनी पत्नी – प्राण प्रिया राजेश्वरी के नए उल्लास में डूबे रूप स्वरूप के दर्शन किए थे। पंडित कमल किशोर मुसकुराए थे और गाड़ी में बैठ मंदिर चले गए थे। सुमेद और संघमित्रा अभी तक सो रहे थे। आचार्य प्रहलाद को राजेश्वरी ने चाय का...
राम चरन भाग सत्तानवे

राम चरन भाग पचानवे

सुंदरी आज कल अपनी शोशल मीटिंग्स में ज्यादा व्यस्त हो गई थी अतः राम चरन को भी खुला वक्त मिल गया था। उसका सोच विमोच आजकल खलीफात के निर्माण को ले कर परवान चढ़ता जा रहा था। पटना से लौटने के बाद न जाने क्यों राम चरन की खुशी और उल्लास दो गुना हो गया था। “जनाब!...
राम चरन भाग सत्तानवे

राम चरन भाग चौरानवे

हमारा हिन्दू राष्ट्र की सोमवार सभा लगी थी। संघमित्रा को लगा था जैसे उसका देखा स्वप्न जीवंत हो अब घट जाने को तैयार था। “आज की सभा संघमित्रा – हमारी संस्था की नई सदस्य के राष्ट्र गान से आरंभ होगी।” स्वयं सुमेद शास्त्री ने जमा लोगों को संबोधित किया था।...
राम चरन भाग सत्तानवे

राम चरन भाग तिरानवे

“इन आयरन वॉल ऑफ आर एस एस अगेन्सट दी ऑनस्लॉट ऑफ इस्लाम?” राम चरन अपने ऑफिस के एकांत में बैठा-बैठा बार-बार इसी जुमले को दोहरा रहा था। राम चरन के दिमाग में एक ट्रायएंगल बना था जो उसे डरा रहा था। वह देख रहा था – हैदराबाद में हिन्दू राष्ट्र बनाते सुमेद...