राम चरन भाग बानवे

राम चरन भाग बानवे

शिव चरन के जन्म के साथ-साथ इंद्राणी का भी जैसे पुनर्जन्म हो गया था। इंद्राणी शिव चरन को ढोलू शिव का ही अवतार मानने लगी थी। ढोलू शिव की कृपा से ही उनका वंश फिर से हरा भरा हो उठा था। राम चरन भी तो ढोलू शिव की ही देन था। वरना तो सुंदरी ने तो राह ही दूसरी गही थी। न जाने...
राम चरन भाग बानवे

राम चरन भाग इक्यानबे

सोमवार की होने वाली गोष्ठी के बारे सुमेद सोच नहीं पा रहा था कि कौन से विचार को आगे बढ़ाए? सहसा उसे ध्यान आया था कि क्यों न संघमित्रा को भी शामिल कर लिया जाए। पता तो चले कि वह क्या ध्येय, उद्देश्य और जिंदगी से कौन से सरोकार पा जाना चाहती थी। “सुमेद! ये कौन सी...
राम चरन भाग बानवे

राम चरन भाग नब्बे

प्रातः काल की बेला थी। कृष्णा सागर आंदोलित था। सुमेद और संघमित्रा सागर किनारे आ बैठे थे। इस परम एकांत में वो दोनों भी कृष्णा सागर की तरह ही आंदोलित हो उठे थे। बचपन की यादों ने दोनों को सागर की लहरों की तरह झकझोर कर रख दिया था। दोनों साथ-साथ खेले थे। दोनों आपस में खूब...
राम चरन भाग बानवे

राम चरन भाग नवासी

“आप से कोई कन्या मिलने आई है।” क्रांति वीर आश्रम हैदराबाद में नई क्रांति लाने के उपक्रम में व्यस्त सुमेद को सूचना मिली थी। सुमेद चौंका था। उसे दाल में कुछ काला दिखा था। उसे लगा था कि अब उसके मिशन को फेल करने के लिए कोई था जो चाल चल रहा था। कोई चाह रहा था...
राम चरन भाग बानवे

राम चरन भाग अट्ठासी

ढोलू सराय के परी महल में आज अलग ही रंगत दिख रही थी। शिव चरन का नाम करण संस्कार होना था। उत्सव की तैयारियां बड़े उल्लास के साथ संपन्न हुई थीं। नाम करण के बाद ब्राह्मण भोज था और दान दक्षिणा भी दी जाने वाली थी। कुंवर साहब चाहते थे कि इस उत्सव को पूरी सामर्थ्य लगा कर...