by Major Krapal Verma | Feb 5, 2026 | स्वामी अनेकानंद
“हुआ क्या है स्वामी जी?” विभूति मकीन ने फिर से प्रश्न पूछना आरंभ किया था। “जंग हारे हैं।” स्वामी अनेकानंद ने विहंस कर उत्तर दिया था। “कैसी जंग? कौन सी जंग?” विभूति को लगा था कि स्वामी कुछ छुपा रहे थे। “जीवन की जंग में बुरी तरह...
by Major Krapal Verma | Feb 4, 2026 | स्वामी अनेकानंद
“आर यू द स्वामी?” पर्ण कुटीर में घुसते ही विभूति मकीन ने जब आनंद को देखा था तो चौंक पड़ी थी। विभूति मकीन बीमार मोहन मकीन की इकलौती बेटी थी। विभूति मकीन स्वामी अनेकानंद का नाम सुन कर अमेरिका से भारत आई थी। उसे कहा गया था कि अब मोहन मकीन किसी चमत्कार के तहत...
by Major Krapal Verma | Feb 4, 2026 | स्वामी अनेकानंद
हिरन गोठी के जन कल्याण आश्रम में जन्माष्टमी का उत्सव जोर शोर से मनाया जाने वाला था। एक सप्ताह का प्रोग्राम था। स्वामी अनेकानंद इस महान उत्सव के अवसर पर होटल माधव मानस इंटरनेशनल से उठ कर आश्रम में बने अपने पर्ण कुटीर में पधारेंगे की घोषणा भी हो चुकी थी। उनका प्रोग्राम...