नेतृत्व का उद्देश्य लोगों को सही रास्ता बताना है! हुकूमत करना नहीं

नेतृत्व का उद्देश्य लोगों को सही रास्ता बताना है! हुकूमत करना नहीं अक्सर हम देखते हैं कि कोई सामाजिक संस्था हो या कोई संगठन या कोई कोई राजनीतिक पद, इन सब पर जो भी व्यक्ति मनोनयन, चयन या निर्वाचन द्वारा जब काबिज़ होता हैं तो उसके बाद उसका रुतबा ही बदल जाता हैं उसको ऐसा...

मां शारदे

वींणा पांणि मातु आजु यहि वरदान दे, तेरी दिव्य ज्योति सदा यूंहि जलती रहे | ग्यान का प्रकाश नित नवल उछास, मन मन्दिर के अंदर अबाध बहता रहे || ग्यान दे प्रकाश दे नवल विश्वास दे, कि तम का विनाश हो न मन ये उदास हो | भारत की भूमि फिर ध्यानवान कर दे, ध्यानवान कर दे प्रकाशवान...

सफर

जितना कम सामान रखेगा सफर तेरा आसान रहेगा भारी वजन वालों को मैने अक्सर फंसते देखा है || सफर की तप्त राहों में मैने उसे हंसते देखा है || ~कुमार...
खानदान 51

खानदान 51

मुकेशजी और अन्य घर के सदस्य भरत को पास के ही श्मशानघाट लेकर गए थे.. भरत को जलाया नहीं दफनाया गया था.. क्योंकि वह अभी नन्हा शिशु था। घर में माहौल दुःखद था, जो होना ही था। घर के बड़े सुपुत्र होने का सुनीलजी ने बखूबी फ़र्ज़ अदा करते हुए.. उसी दिन रात को किसी को भी भूखा...
खानदान 51

खानदान 50

बार-बार कुछ पलों के लिये नीला होना भरत का.. केवल सुनीता ने ही देखा था। इसके बावजूद भरत का पेट भी फूल रहा था। सुनीता के कमरे में लगातार अस्पताल की नर्स राउंड लगाया करती तो थीं.. पर उनको भरत को लेकर यह बात किसी ने भी न बताई थी। बच्चे का पेट भी फुला हुआ था। दोनों बच्चों...
खानदान 51

खानदान 49

बबलू सुनीता को लेने एक बार फ़िर इंदौर आ गया था। ससुराल वालों का फ़र्ज़ अब मायके में पूरा होने जा रहा था.. कमाल की बात तो यह थी.. कि किसी ने भी फूटे मुहँ यह न बोला था,” अरे! नहीं! नहीं!.. प्रहलाद की ज़िम्मेदारी कर तो दी उन्होनें, अब ऐसे बार-बार अच्छा नहीं लगता है। इस...