by Sanskriti Verma | Apr 15, 2019 | Uncategorized
कुछ घर भी काटते हैं, ज़ोर-ज़ोर से नहीं, पर धीमे से आपको खोखला बनाते हैं। उनकी ज़िन्दगी का खोया हुआ वक़्त, उनकी खोयी हुई हँसी, वो बार-बार मांगते हैं। उनकी पीली, हरी और लाल दीवारे, टूट जाएँगी अगर आप नहीं माने; उनके बिस्तर पर बिखरी हुई यादें,...
by Rachna Siwach | Apr 15, 2019 | Uncategorized
आज हमें अपने घर से निकले हुए दस दिन तो हो ही गए हैं। लेकिन हमारा कोई भी दिन ऐसा नहीं निकला जब हमें तुम्हारी याद न आई हो। अब आना-जाना भी ज़रूरी हो जाता है.. बिना आए-जाए और बिना रिश्ते निभाए जीवन तो है.. नहीं। हमारा मन तो होता है.. कि हम जहाँ भी जाएं तुम भी हमारे संग ही...
by Rachna Siwach | Apr 14, 2019 | Uncategorized
“ वो घर पर नहीं हैं! कहीं गए हुए हैं!”। सुनीता ने रमेश की जानकारी देते हुए, पुलिस वालों से कहा था। “ मैडम प्लीज! या तो आप उन्हें बुला लाइये! या फ़िर हम उन्हें अपने-आप ही बाहर निकाल लेंगें!”। सुनीता पुलिस वालों की यह बात सुनकर दौड़ी-दौड़ी ऊपर छत्त की तरफ़ गई थी.. जहाँ...
by Rachna Siwach | Apr 14, 2019 | Uncategorized
रमेश सफ़ारी गाड़ी को कहाँ छुपाना है.. लगातार अपना दिमाग़ लगाए जा रहा था। वैसे दर्शनाजी ने रमेश को सलाह तो दे ही दी थी.. कि सफ़ारी गाड़ी रंजना के घर में खड़ी कर दे.. इसी बात के थोड़े से मज़े सुनीता ने भी रमेश के लेते हुए.. उससे कहा था,” ठीक तो कह रहीं हैं.. अम्माजी! आप...
by Rachna Siwach | Apr 14, 2019 | Uncategorized
रमेश अब फैक्ट्री पहुँच गया था.. थोड़ी देर बाद ही दो पुलिस वाले फैक्ट्री में आकर खड़े हो गये थे.. अभी रमेश को इस बात का अंदाज़ा ही नहीं था.. कि जिस आदमी की सफ़ारी गाड़ी से टक्कर हुई है.. वो थाने जाकर रिपोर्ट भी कर सकता है। इन पुलिस वालों के हाथ में दिल्ली में चल रही...
by Rachna Siwach | Apr 10, 2019 | Uncategorized
रमेश ने सफ़ारी गाड़ी बेचने की पूरी प्लांनिंग कर ली थी.. और जगह -जगह अब बताने भी लगा था,” अरे! ये अपने पास गाड़ी है.. न सफ़ारी! ये बेचनी है।” गाँव में भी जहाँ से रमेश ने यह सफ़ारी गाड़ी ख़रीदी थी.. यह ख़बर पहुँचा दी,” इस गाड़ी को बिकवा दे ने!.. इब कोनी चलाऊं!”। रमेश यह...