by Rachna Siwach | May 25, 2019 | Uncategorized
” आप मेरी बात मान जाओ! वो लड़की ग़ुस्से में और थाने से ही बोल रही थी.. वो और कहीं भी नहीं थी.. अगर आप अभी पुलिस-स्टेशन नहीं पहुँचे तो वो यहाँ घर आ जाएगी, और वो तमाशा खड़ा होगा.. जो दुनिया देखेगी!”। रमेश एकबार सुनीता की बात पर कुछ कहने ही वाला था.. पर...
by Verma Ashish | May 25, 2019 | Uncategorized
मन जो जीत लेअसंभव नहीं हैकुछ उसके लिए!पर जीतना मन कोइतना आसान भी नहींपता है कि समय काम का हैमन कहता हैनहीं, मेरी उडान का हैबाँध ले जो मन कोसूरमा वोबँध गया मन से जोबह गया...
by Rachna Siwach | May 24, 2019 | Uncategorized
” ये क्या कह रही हैं! आपके हस्बैंड के बारे में.. आप उन्हें थाने भेज दिजीये!”। पुलिस वाले ने सुनीता से बात करते वक्त कहा था। ” लो फ़ोन कर लो बात!”। सुनीता ने रमेश को फ़ोन पकड़ाते हुए, कहा था। ” नहीं मुझे नहीं करनी किसी से भी बात! तू ही कर...
by Rachna Siwach | May 23, 2019 | Uncategorized
याद तुम्हारी इतनी आई हर रिश्ते मैं तुम्हें ढूँढते मैं पगलाई नहीं मिलीं तुम मुझे और किसी भी रिश्ते में माँ हार थककर तुम्हें खोकर मैं घबराई कोई और रस्ता अपने आने का सोच समझ कर निकाल दो माँ तुम कहीं ये शेष जीवन तुम्हें ढूँढते निकल न...
by Rachna Siwach | May 23, 2019 | Uncategorized
देखो! लिख रहीं हूँ मैं याद आ रही है तुम्हारी आज बहुत माँ!! तुम होतीं तो आज मेरी लेखनी पढ़ तारीफों के पुल बाँधती बेशक कैसा भी हुनर उभरा है मेरा माँ! तुम शब्दों की चाशनी से उसे रोज़ साँवरतीं तुम्हारा चेहरा देख मैने कलम पकड़ी है माँ! जानती हूँ मेरी कलम में समा कर प्रेरणा...
by Rachna Siwach | May 23, 2019 | Uncategorized
रनेश घर आने के साथ ही पसीना-पसीना हो गया था। टेंशन में आकर सुनीता के आगे बोल उठा था.. ” अरे! किसी काले से आदमी के साथ मोटरसाइकिल पर भाग गई! मैं देखता ही रह गया.. पता करना पड़ेगा कौन था, साला..!!”। रमेश रंजना को लेकर बोला था। और यह भी बोला.. ” भाग कर...