by Rachna Siwach | Feb 21, 2019 | Uncategorized
घर में खबर आ गई थी, कि रमेश का एक्सीडेंट हो गया है.. और उसे वहीं से हड्डियों के अस्पताल ले जाया गया है। सुनीता भी रमेश अस्पताल में है.. यह सुनकर नीचे हॉल में आ गई थी.. और रमा की लड़कियों से पता करने में लगी हुई थी.. कि आख़िर रमेश को हुआ क्या है। रामलालजी और विनीत अभी...
by Rachna Siwach | Feb 21, 2019 | Uncategorized
इलेक्शन आने वाले हैं.. चारों तरफ़ राजनैतिक पार्टियाँ रैलियाँ निकालती रहती है। सुबह के आठ बजे से ही प्रचार शुरू हो जाता है। इलेक्शन संबंधी गाने-बजाने सुबह से ही बजने लगते हैं। वैसे देखा जाय तो अच्छा-ख़ासा रौनक मेला दिन निकलते ही शुरू हो जाता है। घर-गली के चारों तरफ़...
by Rachna Siwach | Feb 19, 2019 | Uncategorized
पाउट बनाओ!.. क्लिक करो!.. ये!!!.. कितना अच्छा सेल्फी आया है.. इसको अपने फेसबुक एकाउंट पर अपलोड करेंगें। और सब खुश हो जाते हैं। आजकल के ज़माने में इतनी बिजी ज़िन्दगी होते हुए.. अपने आप को खुश करने का अच्छा तरीका है। आजकल तो सारी दुनिया मीडिया पर ही सिमट कर रह गई है।...
by Rachna Siwach | Feb 19, 2019 | Uncategorized
दर्शनाजी की पहले वाली दस-लाख की प्रोपर्टी बिक्कर पैसा तो सारा ठिकाने लग गया था। इस पैसे के पीछे कोइ दिन जाता होगा.. अदालत तो रोज़ ही चलती थी। जो रमेश के हाथ में बचा था.. वो तो रमेश फ़टाफ़ट निपटा ही रहा था। “ ओ पैसे!.. कित गए!”। दर्शनाजी ने रमेश से सवाल किया था। “ तेरे...
by Rachna Siwach | Feb 17, 2019 | Uncategorized
अनिताजी ने बेटी के पास तरह-तरह का सामान देखते हुए.. खुश हुईं थीं.. और कहा था,” अपना, तेरा और हमारा कुछ नहीं है.. जो कुछ भी है.. सब अपना ही होता है.. बस!.. तू खुश रहना सीख”। “ पर माँ!. इन से सब ड्रामों से मेरा घर तो बसेगा ही नहीं”। सुनीता ने अनिताजी से कहा था। “ उसकी...