खानदान 88

खानदान 88

ऑटो वाला घर के दरवाज़े पर आ गया था। पर कमाल की बात तो यह थी, कि श्रीमतीजी अपने काम में व्यस्त थीं.. उन्हें यह पता ही नहीं चला.. कि उनके पतिदेव जो पहले से ही बीमार चल रहे हैं.. कहीं जाने की तैयारी में हैं। सुनीता देखती ही रह गई थी.. कि ससुरजी को कोई रोकने वाला ही घर...
खानदान 88

खानदान 87

रमेश अस्पताल से घर आ गया था..  और अब रमेश की घर में ही ड्रेसिंग होनी थी। एक दो दिन तो रमेश ने ठीक-ठाक ड्रेसिंग करवाई थी.. फ़िर जैसे ही सुनीता रमेश के पैर को ड्रेसिंग करने के लिये हाथ लगाती थी.. रमेश ज़ोर से चिल्ला उठता था,” अरे! यह मुझे मार डालेगी!”। रमेश इतनी...
खानदान 88

खानदान 86

रमेश के फ़ोन पर बातचीत करने के बाद रंजना को याद आया था, कि रमेश से अस्पताल में मिलने जाना है। रंजना अपनी छोटी बहन को लेकर अस्पताल में मिलने आने वाली थी, इस बात की ख़बर दर्शनाजी को सुनीता ने पहले ही दे दी थी.. ख़बर का पहले से पता होने से दर्शनाजी समय से ही विनीत के साथ...
खानदान 88

खानदान 85

रमेश को O.T में शिफट कर दिया गया था। सुनीता घर से किसी के आने के इंतेज़ार में वहीं O.T के बाहर बैठी थी। रमेश का अंदर पैर का आपरेशन शुरू हो गया था.. तभी थोड़ी देर में दर्शनाजी और विनीत वहाँ पहुँच जाते हैं। विनीत जो भी सामान डॉक्टर मंगवाते हैं.. लाकर दे देता है।...
खानदान 88

खानदान 84

पैर में कट लगाने के बाद रमेश को आपरेशन का टाइम अगले दिन का मिल गया था.. और सुनीता रोज़ के समय से शाम को घर आ गई थी। रमेश के साथ इतना सब-कुछ हो रहा था.. पर सुनीता ने एकबार भी इस बात की अपने मायके ख़बर नहीं की थी.. अब इसका भी कारण रमेश ही था। एक बार रमेश ने सुनीता के...