कलेक्टर कानू

कलेक्टर कानू

इस बात में कोई भी शक नहीं है, कि हमारी स्नो वाइट कानू हमारे इलाके में जितने भी पालतू कुत्ते हैं, उनमें सबसे सुन्दर और देखने में भी बहुत प्यारी और सबसे न्यारी है। हम अपनी कानू को प्यार से कभी सिंड्रेला बुलाते हैं, तो कभी स्नो वाइट। जब कानू हमारे साथ बाहर घूमने के लिये...
खानदान 27

खानदान 27

रामलालजी की बात चलते-चलते दर्शनाजी के मुहँ से निकल गया था,” एक बार रमेश ने पापे की लिखी हुई चिट्ठी गड्डी में पकड़ ली थी, उसमें लिखिया था..” तभी रमेश का वहाँ आना हुआ था,” के बोले से!” उसनें अपनी माँ से पूछा था.. “ कुछ ना बापू के बारे में बतान लाग री हूँ.. जब तन्ने...
खानदान 27

खानदान 26

सुनीता प्रहलाद को लेकर ऊपर कमरे में चली गई थी। पर सुनीता को सासु-माँ का बर्ताव बहुत ही अजीब और घटिया लगा था, जो कि पहले दिन से ही लग रहा था। घी, राशन और कपड़े जो सुनीता लाई थी, वो सभी चीजें देखकर बजाय खुश होने के.. कि” देखो! बहु कितने अच्छे घर से है, और लोग भी कितने...
खानदान 27

खानदान 25

सुनीता प्रहलाद के साथ अब मायके में ही रह गई थी, प्रहलाद की परवरिश नानी-नाना की देख-रेख में शुरू हो गई थी। गर्मियों के दिन थे, और प्रहलाद का पीलिया अब पूरी तरह से ठीक हो गया था। अब प्रहलाद का रंग पीले से लाल सा पड़ गया था, क्योंकि शिशु का इन्फेक्शन ख़त्म हो अब शरीर...
खानदान 27

खानदान 24

दर्शनाजी प्रहलाद को गोद में लेकर” मेरा जीतू! हाय! मेरा जीतू कहकर रोने लगीं थीं”। “इसने मुझे गोद दे देना आज से ये मेरा बेटा हो गया..हाय! जीतू!”। दर्शनाजी के बार-बार जीतू पुकारते हुए रोने पर अनिताजी ने उन्हें चुप कराते हुए पूछ ही लिया था,” दीदी! अपने आप को संभालिये, चुप...