वीर साहसी

वीर साहसी

चेहरे पर चिन्ता थी आँखे पीछे को धँस गईं थीं तुम्हें देख तुम्हारे अन्दर कोई चिंता महसूस कर रही थी मैं परमात्मा का कोई इशारा समझ रही थी मैं तुम्हें देखकर कुछ भाँप लिया था मैंने माँ! ऐसा लगता था तुमसे कुछ कहने से डर रही थी मैं जो मैने भाँपा वही तुमनें भी भाँप लिया था...
How to keep pets.. कानू

How to keep pets.. कानू

जीवन में कभी-भी हमनें यह न सोचा था.. कि कभी हम कोई कुत्ता पालेंगे। बस! कुछ ऐसा इक्तिफाक हुआ.. कि प्यारी काना हमारी गोद में आ बैठी और न चाहते हुए भी हमनें इस प्यारी सी गुड़िया को अपना लिया और अपनी पूरी ममता और प्यार देकर बड़ा किया। आज कानू हमारे घर का कुत्ता न होकर एक...
महारानी

महारानी

गुलाबों के फूलों में बैठीं रानी लग रहीं थीं रानी नहीं तुम कोई महारानी लग रहीं थीं कुछ बोल उठोगी ऐसा लग रहा था सभी अपने तुमसे मिलने को मौजूद थे सभी संग आज तुम भी ख़ुश हो रहीं थीं सच! गुलाबों में बैठी महारानी लग रहीं थीं तस्वीर से ही भोजन का जायका चख लिया था तुमनें आज...
खानदान 120

खानदान 120

” अरे! अन्दर क्यों नहीं करा दिया था.. ये तो वो का वही है!” पिता के हंगामे पर प्रहलाद चिल्ला कर बोला था। सारी रात रमेश ने अपने कमरे में हिस्से और पैसे लेकर हंगामा जारी रखा था। इतना ज़बरदस्त हंगामा देख.. दोनों बच्चे परेशान हो कर घबरा गए थे.. और प्रहलाद ने...
खानदान 120

खानदान 119

जैसे ही रमेश के मुहँ से यह बात निकली थी.. कि रामलालजी को विनीत ने मार डाला.. दर्शनाजी एकदम चुप-चाप बैठीं रहीं थीं। बात रंजना से हटकर अब बटवारे पर आ गई थी..  रमेश पुलिस वालों के सामने अपनी पर आने ही वाला था.. कि एकबार फ़िर विनीत ने बात का रुख घुमा दिया था। बात...
खानदान 120

खानदान 118

” हम्म! यो..!! यो हमारे पेै पाई भी कोनी ले सकदा..!!” दर्शनाजी बड़बड़ाती घूम रहीं थीं.. सुनीता वहीं थी। ” कर लेन दे! माँ-बेटियाँ ने कोशिश कुछ भी कोनी दें हम!”। दर्शनाजी की बातों से साफ़-साफ़ ज़ाहिर हो रहा था.. कि रमेश को हिस्सा मिलना मुश्किल है।...