by Rachna Siwach | Jun 4, 2019 | Uncategorized
Pendrive का मामला हमेशा के लिए ख़त्म हो चुका था… सुनीता ने यह बात अपने ही अंदर रखी थी.. कि प्रहलाद ने pendrive flush कर दी है। बात कहीं नहीं जाने दी थी। लेकिन उस pendrive के अंदर ऐसा क्या देखा था.. प्रहलाद ने जो उसे बिना ही किसी को बताए pendrive को flush करना...
by Rachna Siwach | Jun 3, 2019 | Uncategorized
” अभी तो यह pendrive का ही मामला है! सोच कर देख! आगे अगर लड़की को लेकर कोई बात निकल आई.. तो कितना हंगामा होगा! तेरे माँ-बाप तो पढ़े-लिखे हैं! तू उनसे बात करके कोई रास्ता निकाल..! इसके ख़िलाफ़ कोई पंचायत बैठा! तभी ये सीधा हो पाएगा!”। रमा ने सुनिता को...
by Rachna Siwach | Jun 3, 2019 | Uncategorized
इन गर्म हवा के थपेड़ों में मन ठंडक की चाह नहीं करता अरे! तुम गर्म हवा संग कभी इधर गईं कभी उधर गईं मन तुम्हें ढूंढता भागता रहता शरद ऋतु से उड़ान भर तुम उड़ीं चलीं तुम उड़ीं चलीं दो शरद ऋतु पार कर माँ अब इन लुओँ में तुम आ खड़ीं तुम आ खड़ीं खड़ीं तो मेरे द्वार पर हो तुम...
by Rachna Siwach | Jun 1, 2019 | Uncategorized
अरे! वाह! बहुत टेस्टी बहुत अच्छा चटपटा बहुत अच्छा! सबकुछ एकदम बढ़िया मज़ा आ गया नहीं भूलेंगे यह स्वाद बहुत अच्छा बहुत टेस्टी इन शब्दों को भोजन बनाते वक्त याद कर मेरा मन तुम्हें याद कर छटपटा गया माँ..!! मसाले और छोंक की उड़ती हुई खुशबू में मुझे एकबार फ़िर तुम याद आ गईं...
by Rachna Siwach | Jun 1, 2019 | Uncategorized
” कहाँ है! वो pen-drive..!!” मुझे तो कहीं भी नहीं मिल रही है! अभी चाहिये मुझे! मेरा कुछ ज़रूरी सामान है! उसमें!”। रमेश ज़ोर से चिल्ला कर pen-drive के लिए बोला था.. जो उसे कहीं भी सारे ढूँढने पर नहीं मिल रही थी। सुनीता भी यह सुनकर आश्चर्यचकित हो रही...
by Verma Ashish | Jun 1, 2019 | Uncategorized
पुस्तक परिचय नेहरू का युग था नेहरू का युग था. समाजवाद का सपना आकर देश के जन-मानस की आँखों में ठहर गया था. वि नोवा जी का भू-दान यज्ञ आरम्भ हो चुका था.समाज में एक सौहार्द पनप रहा था. सभी नई-नवेली आज़ादी के गुन-गान में लगे थे. एक नई -नई उमंग थी जो देश में लबालब भरी थी....