by Rachna Siwach | May 21, 2019 | Uncategorized
रंजना और रमेश का रिश्ता अब खटास लिए आगे बढ़ रहा था। रंजना की बड़ी बहन का रिश्ता तय हो चुका था.. लड़का देखने सुनने में अच्छा और पढ़ा-लिखा था। दुबई में अच्छी नौकरी थी.. लड़के की! अच्छा-ख़ासा पैसा कमा लेता था। रंजना ने यह ख़बर रमेश को देने में बिल्कुल भी देर नहीं...
by Rachna Siwach | May 19, 2019 | Uncategorized
” ये और वो तो बराबर के हैं.. फैसला ये करेगी!”। रमा ने सुनीता के सवाल का जवाब दिया था.. कि रमेश और विनीत तो बराबर के हैं.. इस तरह की अगर कोई बात होती है! तो उसकी जवाबदार दर्शनाजी होंगी! अब सुनीता के दिमाग़ में इसी बात को लेकर तरह-तरह के ख़याल आने लगे थे.....
by Rachna Siwach | May 19, 2019 | Uncategorized
चेहरे पर चिन्ता थी आँखे पीछे को धँस गईं थीं तुम्हें देख तुम्हारे अन्दर कोई चिंता महसूस कर रही थी मैं परमात्मा का कोई इशारा समझ रही थी मैं तुम्हें देखकर कुछ भाँप लिया था मैंने माँ! ऐसा लगता था तुमसे कुछ कहने से डर रही थी मैं जो मैने भाँपा वही तुमनें भी भाँप लिया था...
by Rachna Siwach | May 19, 2019 | Uncategorized
जीवन में कभी-भी हमनें यह न सोचा था.. कि कभी हम कोई कुत्ता पालेंगे। बस! कुछ ऐसा इक्तिफाक हुआ.. कि प्यारी काना हमारी गोद में आ बैठी और न चाहते हुए भी हमनें इस प्यारी सी गुड़िया को अपना लिया और अपनी पूरी ममता और प्यार देकर बड़ा किया। आज कानू हमारे घर का कुत्ता न होकर एक...
by Rachna Siwach | May 17, 2019 | Uncategorized
गुलाबों के फूलों में बैठीं रानी लग रहीं थीं रानी नहीं तुम कोई महारानी लग रहीं थीं कुछ बोल उठोगी ऐसा लग रहा था सभी अपने तुमसे मिलने को मौजूद थे सभी संग आज तुम भी ख़ुश हो रहीं थीं सच! गुलाबों में बैठी महारानी लग रहीं थीं तस्वीर से ही भोजन का जायका चख लिया था तुमनें आज...