खानदान 122

खानदान 122

रंजना और रमेश का रिश्ता अब खटास लिए आगे बढ़ रहा था। रंजना की बड़ी बहन का रिश्ता तय हो चुका था..  लड़का देखने सुनने में अच्छा और पढ़ा-लिखा था। दुबई में अच्छी नौकरी थी.. लड़के की! अच्छा-ख़ासा पैसा कमा लेता था। रंजना ने यह ख़बर रमेश को देने में बिल्कुल भी देर नहीं...
खानदान 122

खानदान 121

” ये और वो तो बराबर के हैं.. फैसला ये करेगी!”। रमा ने सुनीता के सवाल का जवाब दिया था.. कि रमेश और विनीत तो बराबर के हैं.. इस तरह की अगर कोई बात होती है! तो उसकी जवाबदार दर्शनाजी होंगी! अब सुनीता के दिमाग़ में इसी बात को लेकर तरह-तरह के ख़याल आने लगे थे.....
वीर साहसी

वीर साहसी

चेहरे पर चिन्ता थी आँखे पीछे को धँस गईं थीं तुम्हें देख तुम्हारे अन्दर कोई चिंता महसूस कर रही थी मैं परमात्मा का कोई इशारा समझ रही थी मैं तुम्हें देखकर कुछ भाँप लिया था मैंने माँ! ऐसा लगता था तुमसे कुछ कहने से डर रही थी मैं जो मैने भाँपा वही तुमनें भी भाँप लिया था...
How to keep pets.. कानू

How to keep pets.. कानू

जीवन में कभी-भी हमनें यह न सोचा था.. कि कभी हम कोई कुत्ता पालेंगे। बस! कुछ ऐसा इक्तिफाक हुआ.. कि प्यारी काना हमारी गोद में आ बैठी और न चाहते हुए भी हमनें इस प्यारी सी गुड़िया को अपना लिया और अपनी पूरी ममता और प्यार देकर बड़ा किया। आज कानू हमारे घर का कुत्ता न होकर एक...
महारानी

महारानी

गुलाबों के फूलों में बैठीं रानी लग रहीं थीं रानी नहीं तुम कोई महारानी लग रहीं थीं कुछ बोल उठोगी ऐसा लग रहा था सभी अपने तुमसे मिलने को मौजूद थे सभी संग आज तुम भी ख़ुश हो रहीं थीं सच! गुलाबों में बैठी महारानी लग रहीं थीं तस्वीर से ही भोजन का जायका चख लिया था तुमनें आज...