by Kumar Gaurav | Feb 14, 2019 | Uncategorized
लौ जगी जो देश प्रेम की अप्रतिम प्रेम कहानी थी, हंसकर फांसी की सजा सुनी वो बेख़ौफ जवानी थी || ~कुमार...
by Kumar Gaurav | Feb 10, 2019 | Uncategorized
वींणा पांणि मातु आजु यहि वरदान दे, तेरी दिव्य ज्योति सदा यूंहि जलती रहे | ग्यान का प्रकाश नित नवल उछास, मन मन्दिर के अंदर अबाध बहता रहे || ग्यान दे प्रकाश दे नवल विश्वास दे, कि तम का विनाश हो न मन ये उदास हो | भारत की भूमि फिर ध्यानवान कर दे, ध्यानवान कर दे प्रकाशवान...
by Kumar Gaurav | Feb 8, 2019 | Uncategorized
जितना कम सामान रखेगा सफर तेरा आसान रहेगा भारी वजन वालों को मैने अक्सर फंसते देखा है || सफर की तप्त राहों में मैने उसे हंसते देखा है || ~कुमार...
by Kumar Gaurav | Feb 4, 2019 | Uncategorized
कल तक थे जो पीट रहे लोकतंत्र की ढोल, देखो भइया आज ही खुल गयी उनकी पोल खुल गयी उनकी पोल डूब गयी उनकी लुटिया हुए बुद्घिजीवी मौन कुकृत्ये लिबरल दिदिया कह पंक्षी कविराय ढोल पीटो तुम धिनतक भूलो सारी बात जो करते थे तुम कल तक ~कुमार...
by Kumar Gaurav | Feb 2, 2019 | Uncategorized
कोशिश पूरी हो रही रख भावना जनगण की, पूरी होती दिख रही कामना जनमन की | सबसे बेहतर निर्णय इसमे राष्ट्र रक्षा का रहा, है चुनावी समर सम्मुख पर राष्ट्र सर्वोपरि रहा || अंतरिम था बजट किंतु दूर की ही दृष्टि थी, पूर्ण कालिक बजट की थाह देती मुष्टि थी || ~कुमार...