कुछ पढ़ते हैं

चलो कुछ पढते हैं चलो कुछ लिखते हैं नर हो तुम निराशा छोड़ो गिरते उठते चलते दौड़ो चेतन अरु अवचेतन मन का अावाहन यह अरुणोदय का कल गिर जाने वाली कलियां खिलकर कहती खुलकर झूमों फूलों पर गुनगुन करते भँवरे, कहते तुम भी जीवनरस चूमों ~कुमार...

तीर्थराज

जमुना गंगा गोमती तीरथ बड़ा प्रयाग, चारि प्रयागन से बड़ा तीरथ राज प्रयाग || ~कुमार गौरव

तीर्थराज

जमुना गंगा गोमती तीरथ बड़ा प्रयाग, चारि प्रयागन से बड़ा तीरथ राज प्रयाग || ~कुमार गौरव

शहीद दिवस

आओ मिलकर दिया जलायें, आओ श्रद्धा सुमन चढायें, दो पल उन को भी दें दान देशधर्म की बलिवेदी पर, जिनने अर्पण कर दी जान ||1 जिसने कभी न सोंचा कुछ भी, देश रक्षा निज कंधों पर ही, सीने पर रख कर ज्वालायें जो सो गए पुण्य राहों में उनको हम एक दीप जलायें आओ मिलकर दिया जलायें आओ...

गणतंत्र मुबारक

सबको हो गणतंत्र मुबारक, तंत्र के सजग गंण बने हम बन सजग तंत्र के जागृत नागरिक हक के संग कर्तव्य निभाएं सत्य निष्ठा जागृत मन से सब अपने अपने फर्ज निभायें तब होवे गणतंत्र मुबारक सबको हो गणतंत्र मुबारक || ~कुमार...