स्वामी अनेकानंद भाग 66

स्वामी अनेकानंद भाग 66

चुनाव के प्रचार प्रसार में एक अलग तरह की सुनामी ला दी थी स्वामी घनानंद ने। मात्र सनातन को लेकर ही स्वामी घनानंद ने कुछ ऐसा जादू मारा था कि लोग उन्हें सुनने के लिए खिचे चले आते थे। जैसे सोते भारत को स्वामी घनानंद जगा रहे थे और स्वामी विवेकानंद की तरह जन क्रांति लाने का...
स्वामी अनेकानंद भाग 66

स्वामी अनेकानंद भाग 65

“कहते हो तो मैं आनंद बाबू की खोज खबर लेने निकल जाऊं?” रोते बिसूरते राम लाल को देख कल्लू भीतर से पसीज आया था। “यों अधीर होने से तो खेल बिगड़ जाएगा।” कल्लू ने चेतावनी दी थी। राम लाल चुप था। छोटी-छोटी सुबकियों में अभी भी उबल रहा था। आनंद बाबू की...
स्वामी अनेकानंद भाग 66

स्वामी अनेकानंद भाग 64

बिस्तर पर ध्यान मग्न बैठे मोहन मकीन को अमेरिका से लौटी विभूति ने आंखें भर-भर कर देखा था। आई आहट से सचेत हो मोहन मकीन ने आंखें खोली थीं। सामने खड़ी अपनी प्रिय बेटी विभूति को उन्होंने फौरन पहचान लिया था। विभूति ने भी देखा था कि उसके महान पापा मोहन मकीन की आंखों में जो...
स्वामी अनेकानंद भाग 66

स्वामी अनेकानंद भाग 63

पूरे छह दिन लगा कर राधू रंगीला ने लच्छीपुरा गांव का सेट तैयार किया था। आज सातवें दिन शूटिंग शुरू हो रही थी। मानस और प्रतिष्ठा का कोई रोल न था। अत: वो दोनों दर्शक दीर्घा में साथ-साथ बैठे शूटिंग होते देख रहे थे। सबसे पहले कैमरे में गांव लच्छीपुरा का बोर्ड दिखाई दिया था।...
स्वामी अनेकानंद भाग 66

स्वामी अनेकानंद भाग 62

सुबह का सूरज निकलने के साथ-साथ दोनों भाई नाश्ता पानी करते और कदम खंडी पर पहुंचते। आनंद की आंखें अचानक ही बिल्लू के बताए कोमल सपने से जा मिलतीं। कदम खंडी की साढे़ सात बीघा जमीन जैसे आनंद को आ कर बार-बार सैल्यूट मारती और मालिक होने के गर्व से भर देती। कदम खंडी पर कोठी...