स्वामी अनेकानंद भाग 76

स्वामी अनेकानंद भाग 76

भादों बदी सोलह सप्तमी, मतलब कि सोलह फरवरी को होने वाले महा महोत्सव की मंत्रणा मग्गू के ऑफिस में चल रही थीं। “कुल पंद्रह दिन शेष हैं।” मग्गू ने चेतावनी दी थी। “जबकि काम सारा पड़ा है।” उसने सामने बैठे स्वामी घनानंद को गौर से देखा था। “महा...
स्वामी अनेकानंद भाग 76

स्वामी अनेकानंद भाग 75

शाम ढल रही थी। मीरा मर्फी सैर करने निकल पड़ी थी। उसके पैर जैसे हवा पर तैर रहे थे। उसका शरीर सूक्ष्म सा कुछ था। उसका मन तो पहले ही स्वामी अनेकानंद से जा मिला था। उसके सपने स्वतः ही साकार होने लगे थे। संवाद थे – प्रेम पगे संवाद। होंठों तक आते और भाग जाते। आंखों...
स्वामी अनेकानंद भाग 76

स्वामी अनेकानंद भाग 74

धीरज और नब्बो को ट्रक ने हैदराबाद में कृष्णा सागर के सामने सड़क पर उतार दिया था। सड़क के दूसरी ओर शादी का सैट लगा था। भीड़ जमा थी। कोई अफरा तफरी जैसी मची थी। कुछ था वहां जो गड़बड़ हो गया था। “वो दोनों एक्टर तो लंदन भाग गए मुसाफिर।” मुकुल खबर लेकर आया था।...
स्वामी अनेकानंद भाग 76

स्वामी अनेकानंद भाग 72

मीरा मर्फी के बुलावे पर राम लाल अपनी पूरी टीम के साथ हाजिर हुआ था। राम ला अतिरिक्त तरह से चौकन्ना था। उसे स्वामी अनेकानंद से डर लगने लगा था। वह जान गया था कि स्वामी अनेकानंद अब एक जलती ज्वाला थे। जरूरी था कि उस जलती ज्वाला को डिबिया में कैद करके रक्खा जाए। वह नहीं...
स्वामी अनेकानंद भाग 76

स्वामी अनेकानंद भाग 71

आज सोमवती अमावस्या थी। पंडित अवध नारायण ने आज का लग्न पुरानी पर्ण कुटीर छोड़ कर नई पर्ण कुटीर में जाने का तय किया था। सुबह से ही तैयारियां आरंभ हो गई थीं। पूरी बंबई में खबर थी कि आज के शुभ लग्न में स्वामी जी नए निवास में स्थापित होंगे। कल्लू और कदम ने बड़ी चतुराई से...