राम चरन भाग सत्ताईस

राम चरन भाग सत्ताईस

“क्या बात है? कई दिनों से उदास-उदास रहते हो?” श्यामल ने कालू से पूछ लिया था। कालू कई पलों तक चुप रहा था। उसकी समझ में न आ रहा था कि मन की कुंठा को श्यामल को कैसे कह सुनाए। “क्या राम चरन भाग गया?” श्यामल ने हिम्मत बटोर कर जटिल प्रश्न पूछ लिया...
राम चरन भाग सत्ताईस

राम चरन भाग छब्बीस

“अच्छा नहीं लगता राम चरन जी – आप रात को बाहर ही पड़े रहते हैं!” पंडित कमल किशोर ने सौहार्द जताया था। “अब तो आप ढोलू शिव के अनुचर हैं, भक्त हैं और सेवक भी हैं।” पंडित जी ने प्रसन्न होकर राम चरन के गुणों का गुणगान किया था। “क्यों नहीं...
राम चरन भाग सत्ताईस

राम चरन भाग पच्चीस

“मेले की तैयारियां देख रही हो?” कुंवर खम्मन सिंह ढोलू ने सुंदरी से पूछा था। दरबार हॉल में बैठे कुंवर साहब, पत्नी इंद्राणी और सुंदरी पारिवारिक गतिविधियों का जायजा ले रहे थे! “मेरा अनुमान है कि इस बार जोरों का मेला उठेगा!” इंद्राणी की राय थी।...
राम चरन भाग सत्ताईस

राम चरन भाग चौबीस

“दो दिन से दिखे नहीं पंडित जी?” कालू पंडित कमल किशोर से सामना होते ही पूछ बैठा था। “राम चरन कह रहा था कि ..” उसने पंडित कमल किशोर के गुलाब से खिले चेहरे को पढ़ा था। “हां भाई!” पंडित कमल किशोर ने स्वीकारा था। “दो दिन से सुमेद...
राम चरन भाग सत्ताईस

राम चरन भाग तेईस

“क्या बात है?” श्यामल ने परेशान हो कर पूछा था। आज कालू लौटने के बाद चुप था। वह किसी गहरी सोच में डूबा था। श्यामल का धीरज जवाब दे गया था। “भाग गया राम चरन?” उसने अंत में हिम्मत बटोर कर पूछ ही लिया था। कालू ने आंखें उठा कर श्यामल को देखा भर था।...