स्वामी अनेकानंद भाग 54

स्वामी अनेकानंद भाग 54

तोचीगढ़ से बंबई आ कर वो स्वामी अनेकानंद बना। लगा – उसका पुनर्जन्म हुआ। लेकिन आज वो फिर तोचीगढ़ लौट रहा था। लग रहा था जैसे वो अपने पूर्व जन्म से मिलने जा रहा था जहां अब उसकी बीमार मां उसके इंतजार में आखिरी सांसें गिन रही थीं। और उसका छोटा भाई बिल्लू उसके आने के...
स्वामी अनेकानंद भाग 54

स्वामी अनेकानंद भाग 53

राधू रंगीला ने दलदल के आस पास तीन और नकली दलदल बनवाए थे। तीनों के ऊपर कैमरे लगे थे। तीनों के ऊपर अलग-अलग काम होना था। काम की समझ केवल राधू रंगीला को ही थी। प्रतिष्ठा और मानस को तैयार किया गया था। उनके बॉडी डबल भी तैयार हुए थे। दलदलों को शूटिंग से पहले रोशन किया गया...
स्वामी अनेकानंद भाग 54

स्वामी अनेकानंद भाग 52

“अगर किसी ने इसे बच्चे की तरह रोते बिलखते देख लिया तो सारा गुड़ गोबर हो जाएगा गुरु!” कल्लू ने राम लाल को चेतावनी दी थी। “जितना जल्दी हो – उतना भला। इसे गांव के लिए रवाना करो।” कल्लू ने साफ शब्दों में कहा था। राम लाल ने कदम को देखा था। कदम...