“आप नोबल प्राइज भले ही जीत लें, धन माल का अंबार लगा लें पर वो संतोष, वो मानसिकता और वो गर्व से उन्नत सीना कभी करके चलना संभव न होगा।” “आप मरे जग प्रलय!” संक्षेप में महंगा सिंह बोला है।…