आगे लगे रेडियो से अनवरत संगीत मुखरित होता खाने की कमी पूरी करता लगा है। किसी अजान लय पर मैं थिरकता जाता हूँ, सोफी को मरोड़ देता हूँ और अजीब से हाव भावों से अपनी प्रसन्नता जाहिर करता रहा हूँ। बाहर क…