एक भीड़ ने मुझे चारों ओर से घेर लिया है। प्रश्नों की बौछार मुझ पर इस तरह होने लगी है जिस तरह से उमंग के साथ सावन में बरसात की झड़ी टपर-टपर के शब्दों से भद्र आवाजें करती रहती है। “किन्नी तरक…