“सुनो! साले सब नेता चोर हैं!” मैंने भभक कर कहा है। “वाह-वाह! क्या सच्चाई उगली है।” भट्ठा वाले ने ऊंचे स्वर में कहा है। “चोर-चोर को नहीं पहचानेगा तो क्या तेरी मां को मानेगा?” जकारिया…