“बाई द वे एक अहसान पूछ लूं – इजाजत हो तो?” नवीन ने एक चुभते बेगाने भाव को दो दोस्तों के बीच कटे बकरे की तरह उलटा लटका दिया है। मैं इस उलटे टंगे बकरे की कुर्बानी से एक कुंठा के साथ बंध गया ह…