“प्रलय तो नहीं आ रही?” मैंने इस तरह पूछा है जैसे मैं इंतजार में आंखें बिछाए बैठा हूँ। “आ भी जाए तो ताज्जुब नहीं सर! आई मीन ..” “आत्मीयता का अंधकार बढ़ रहा है, संस्कार गिर रहे हैं और…