सुबह अथक सूरज को देख मैंने भी अपनी थकी टूटी सी हिम्मत बटोरी है और अपनी दिनचर्या पूरी करने को तैयार हुआ हूँ। पता नहीं कुछ अधकचरा सा एक बैर भाव मन में सिमिटता चला आ रहा है। कोई मेरे अंदर से ही कहे जा…