जब चेत आया है तो लगा है कोई धीरे-धीरे मेरा मस्तक सहला रहा है। मैं स्पर्श से ही जान गया हूँ कि ये वैशाली है। यही जान कर मैं पता नहीं क्यों आंखे खोलना नहीं चाहता। फिर अचानक मुझे सोफी की फटकार याद हो…