कुंवर खम्मन सिंह ढोलू चिंता में डूबे हुए थे। ढोलू शिव का वार्षिक मेला भरना था। दुनिया जहान से ढोलू शिव के उपासकों को आना था। ढोलू शिव का नाम था, उनका यश था और उनकी कृपा पाकर न जाने कितने लो…