घर का खाना रेहड़ी को बड़े मनोयोग से आगे धकेलते कालू ने यूं ही के मन से ढोलू शिव के मंदिर पर नजर डाली थी। मंदिर की सीढ़ियों पर कोई दरवेश बैठा दिखा था। कालू ने बड़े ही श्रद्धा भाव से रेहड़ी को रोक उस…