by Akhileshwar Mishra | Jun 16, 2019 | Uncategorized
हमें अपनी जरूरतों की कुर्बानियों पर पाला है , हमारी शख्सियत में अपने संस्कारों को डाला है , हमारी हर ख्वाहिशों को यूँ चुटकियों में पूरा कर डाला है , लगता है हमारे पिता ने अलादीन का चिराग ढूंढ निकाला...
by Rachna Siwach | Jun 16, 2019 | Uncategorized
” हमें नहीं पढ़ना है! यहाँ..!! भोपाल कोई जगह है! दिल्ली जाकर पढ़ना चाहते हैं.. हम!”। बिटिया ने कॉलेज के दाख़िले को लेकर ज़िद की थी.. और उनकी ज़िद अपनी जगह सही भी थी.. आख़िर अव्वल अंकों से बारहवीं जो पास की थी.. बिटिया ने! दिल्ली भेजने और पढ़ाने में हमें...
by Rachna Siwach | Jun 16, 2019 | Uncategorized
” तन्ने पेलयां न बताया कि तन्ने पाँच-लाख रूपये की ज़रूरत सै! तो हम इंतज़ाम करते.. अब इतनी जल्दी इतने रुपये कित्ते देंगें! कोशिश करेंगें! गाम में कोई हमनें देता हो तो!”। रमेश के चाचा ने रमेश से कहा था। अब तो गाँव में रमेश और प्रहलाद के रोज़ के फ़ोन जाने लगे...
by Verma Ashish | Jun 16, 2019 | Uncategorized
जहाँ मान मिले सम्मान मिले मेहनत का पूरा दाम मिले काम वहीं तुम करना सपने देखो बड़े बड़े नहीं होते पूरे बिना लड़े समय का सारा खेल यहाँ जो ना पहचाने समय का रूख और समय की कीमत वो बह जाता ना रूक पाता ना कुछ अर्जित ही कर...
by Akhileshwar Mishra | Jun 15, 2019 | Uncategorized
राम केवल नाम नहीं हैं राम बस इंसान नहीं हैं राम तो जीवन दर्शन हैं कष्टों में धैर्य का प्रदर्शन हैं राम त्याग की मूर्ति हैं राम प्रेम की अनुभूति हैं राम एक संस्कार हैं राम मर्यादा का सार...
by Rachna Siwach | Jun 15, 2019 | Uncategorized
पिता के घर आते ही.. प्रहलाद अपने दाख़िले को लेकर पीछे लग गया था.. ” पापा वो दादू के गाँव वाली ज़मीन बेच देते हैं.. उनसे जो पैसे आएँगे.. मेरी फ़ीस भर देना आप!”। रमेश का सारा परिवार इसी बात को लेकर रमेश के पीछे लग गया था.. लालची दिमाग़ का रमेश! जिसे केवल...