तीन दोस्त अनजाने से

तीन दोस्त अनजाने से

है तो छोटा सा किस्सा पर है बहुत ही प्यारा। भोपाल बहुत ही छोटा और अच्छा शहर है झीलों की नगरी कहते हैं, भोपाल को। भोपाल का यह शहर भेल B.H.E.L और इंडस्ट्रियल एरिया के लिऐ प्रसिद्ध है। B.H.E.L यहाँ  का मेन काम है,और इसी काम से रिलेटेड फैक्टरियां भी हैं। यहाँ सारे शहर में...
चालाक क़ानू

चालाक क़ानू

छोटा सा प्यारा सा सफ़ेद लड्डू बड़ा तो हो ही रह था हमारे साथ,बड़े होते-होते अपना दिमाग़ भी दौड़ाना सीखती जा रही थी। छोटा सा सफ़ेद ऊन का गोला मेरी क़ानू डॉक्टर के पास से लाने के थोड़े दिन बाद ही छोटी मोटी शैतानियाँ करनी सीख गई थी, साथ ही नन्हा सा दिमाग़ चालाक भी होता जा रहा था।...
मेरे अपने

मेरे अपने

जब भी हम मेरे अपने लिखते हैं, या फिर अपनों का ज़िक्र करते हैं,तो हमारा ध्यान रिश्ते नाते, माँ-बाप ,भाई-बहन पर जाता है। यहाँ पर मैं जो “मेरे अपनों “की बात कर रहीं हूँ, वो न तो मेरे नाते रिश्तेदार हैं, न ही मेरे माता-पिता,न ही मेरे भाई बहन हैं। पर फ़िर भी मेरा...
हरा भरा मन क़ानू के संग

हरा भरा मन क़ानू के संग

हमारे परिवार में रौनक आ गई थी,जब से हमारे यहाँ क़ानू के रूप में नया मेहमान आया था….सच्च! बचपन में बच्चों का प्यारा सा चलता-फिरता स्टफ टॉय थी, जिसे बच्चे और हम यूहीं गाल से चिपकाये घूमा करते थे। धीरे-धीर बड़ी होती गयी और अब तो बराबर की  सदस्या हो गई है…मैडम...
क़ानू के श्रृंगार

क़ानू के श्रृंगार

“प्यारी तो आप हो ही तुन्दर भी हो” अक्सर हम अपनी क़ानू को गले लगाकर और प्यार भरी पप्पी देकर यही शब्द कहा करते हैं। और कहते हैं”छब छे प्यारी और छब बच्चों में न्यारी”सुनकर क़ानू अपनी गर्दन को हल्का सा हिलाती है और बहुत खुश हो जाती है….समझ जाती...