by Rachna Siwach | May 28, 2019 | Uncategorized
माँ-बापू का मीठापन सदा रहेगा मेरे साथ तुम्हारा और बापू का साथ में रहना सदा रहेगा मेरे साथ पर अचानक तुम्हारा जीवन संगी का यूँ हाथ छोड़ना वो भी रहेगा मेरे साथ पर अब बापू संग साये की तरह से रहतीं हो तुम यह भी सदा रहेगा मेरे साथ अपने होने का अहसास सदा बापू संग रखना...
by Rachna Siwach | May 28, 2019 | Uncategorized
ऐसा लग रहा था लंबी सुनसान सड़क पर तुम तेज़ी से चलती चलीं जा रहीं थीं मैं तुम्हारे पीछे ही तो थी पर तुमसे बहुत दूर होकर भी पहचान लिया था मैंने तुमको माँ हाँ! वो तुम ही तो थीं जो मुझे अब धुंदली सी दिखाई देने लगीं थीं मैं भी बहुत तेज़ चल रही थी पर पहुँच न पाई थी तुम तक।...
by Rachna Siwach | May 27, 2019 | Uncategorized
” नहीं अब इसको तो अब मैं ऐसे ही थोड़े ही छोडूंगा.. इसके मेरे पास पाँच हज़ार से भी ज़्यादा फ़ोटो हैं! जाएगी कहाँ..!!”। रमेश ने सुनीता को रंजना के विषय में बताया था। रंजना द्वारा इतने तमाशे करने पर भी रमेश रंजना का पीछा बिल्कुल भी नहीं छोड़ना चाहता था.. यहाँ...
by Rachna Siwach | May 27, 2019 | Uncategorized
नानी करतीं नानी कहतीं नानी ऐसी होती थीं नानी-नानी करते-करते बच्चे तुम्हें याद करते हैं.. माँ सपनों मे आतीं बच्चों के दिल ख़ुश करतीं नानी बन के इतना प्यारा रिश्ता जोड़ा फ़िर कहाँ गईं तुम नानी बन के लौट के आकर माँ तुम देखो! अपने प्यारे फूल कमल के आओ सींचो प्यार से फिर...
by Rachna Siwach | May 26, 2019 | Uncategorized
दस से पंद्रह मिनट के अंदर लड़की घर पर पुलिस लेकर आने वाली थी.. लेकिन यहाँ तो दस से पंद्रह मिनट कई घन्टों में बदल गए थे.. न कोई लड़की और न ही कोई पुलिस थी। बच्चे भी हार-थककर और इंतेज़ार कर अपने-अपने कमरों में चले गए थे। रमेश भी पुलिस के डर से भागा देर रात को घर पहुँच...