राम चरन भाग सैंतीस

राम चरन भाग सैंतीस

अरुण वरुण के स्कूल जाने के बाद घर में अपार शांति भरी थी। आज पहला मौका था – शायद वर्षों के बाद जब कालू और श्यामल साथ-साथ दिन के उजालों में मिल रहे थे। एक उत्सव जैसा लग रहा था – दोनों को। आज उन दोनों को सेंट मेरी एंड जॉन्स स्कूल में इंटरव्यू देने जाना था।...
राम चरन भाग सैंतीस

राम चरन भाग छत्तीस

“चुनावों की घोषणा हो गई!” कुंवर खम्मन सिंह ढोलू लंबी उच्छवास छोड़ कर बोले थे। हाथ में लगे अखबार को सामने की मेज पर पटक कर उन्होंने साथ बैठी इंद्राणी और सुंदरी को चलती निगाहों से देखा था। “मुझे तो अब फुरसत मिलना मुश्किल है इंद्राणी!” वह बताने...
राम चरन भाग सैंतीस

राम चरन भाग पैंतीस

लाख कोशिश करने के बाद भी राम चरन सुंदरी को भूल नहीं पा रहा था। “तू पागल है साला!” राम चरन के कानों ने जानी पहचानी आवाज सुनी थी। “ये फंसेगा जाल में!” दूसरी आवाज भी हूबहू वही थी। “बे! तुझे दिखता क्या है – इस माल में?” पुराना...